दिल्ली में चल रहा था गजब का खेल, अपनाता था चौंकाने वाला तरीका, पुलिस ने जब किया भंडाफोड़, सब के उड़े होश

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देश की राजधानी होने के नाते दिल्‍ली में सुरक्षा व्‍यवस्‍था आमतौर पर काफी चाक-चौबंद रहती है. इसके बावजूद ऐसी घटनाएं होती हैं, जिससे पुलिस के भी होश उड़ जाते हैं. एक बार फिर से ऐसा ही मामला सामने आया है. दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को डरा-धमका कर वसूली करता था.

दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल टीम ने वसूली गैंग का भंडाफोड़ किया है.

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के पूर्वी जिले के शाकरपुर पुलिस स्टेशन ने बैंक के फर्जी वसूली एजेंट बनकर सड़क किनारे जबरन वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गिरोह ने मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके उन वाहनों की पहचान की जिन पर ईएमआई बकाया थी. पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन और एक कार बरामद किया है.

पुलिस उपाधीक्षक आयुक्त राजीव कुमार के मुताबिक, केशव कुमार ने बताया कि 26 मार्च को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आईटीओ के पास विकास मार्ग पर एक सफेद ब्रेज़ा कार में सवार लोगों ने उन्हें गलत तरीके से रोका. आरोपियों ने उन्हें जबरन ले जाकर मारपीट और धमकी दी और ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से 18,000 रुपये की जबरन वसूली की. इसके बाद शाकरपुर थाना पुलिस ने 27 मार्च को केस दर्ज कर एक विशेष टीम गठित की. टीम शकरपुर थाने के एसएचओ की देखरेख में और एसीपी प्रीत विहार के समग्र पर्यवेक्षण में काम कर रही थी.

जांच के दौरान मुखबिर ने बागपत के कुछ व्यक्तियों की संलिप्तता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी, जो मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके बकाया ईएमआई वाले वाहनों की पहचान कर रहे थे. मोबाइल डेटा के तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से इस जानकारी की पुष्टि की गई, जिससे अपराध स्थल पर संदिग्धों की उपस्थिति और उनके बीच संबंध स्थापित हो गया. निरंतर प्रयासों और छापों के आधार पर, प्रिंस, शिवम, टीटू उर्फ ​​टिट्टू और आकाश उर्फ ​​अक्कू को गिरफ्तार किया गया.

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया कि वे मोबाइल एप्लिकेशन ईजी रिकवरी ऐप का उपयोग करके फर्जी वसूली एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. व्यस्त सड़कों पर बिना नंबर प्लेट वाली सफेद ब्रेज़ा कार का उपयोग करके वाहन मालिकों को निशाना बनाया है. पुलिस ने बताया कि अन्य पीड़ितों की पहचान करने और वित्तीय लेनदेन में मदद करने वाले उनके सहयोगी का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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