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Delhi Golf Club News: दिल्ली जिमखाना क्लब को वेकेशन नोटिस मिलने के बाद अब दिल्ली गोल्फ क्लब भी चर्चा में आ गया है. राजधानी के बीचोंबीच 179 एकड़ में फैले DGC को लेकर सरकारी जमीन, सदस्यता और आम लोगों की पहुंच पर सवाल उठ रहे हैं. क्लब परिसर में करीब 50 प्रतिशत हिस्सा हरियाली और फॉरेस्ट कवर के तहत आता है, जबकि यहां तुगलक और लोदी काल के कई ऐतिहासिक स्मारक भी मौजूद हैं. क्लब प्रबंधन का कहना है कि यह केवल गोल्फ क्लब नहीं बल्कि दिल्ली की विरासत और हरियाली का अहम हिस्सा है. हालांकि लंबे समय से इसकी सदस्यता और निजी पहुंच को लेकर बहस जारी है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी परिसर में मौजूद ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण को लेकर चिंता जताई थी.
दिल्ली गोल्फ क्लब 179 एकड़ सरकारी जमीन पर बना है. (फोटो https://delhigolfclub.org/)
Delhi Golf Club News: दिल्ली के सबसे खास और चर्चित क्लबों में शामिल दिल्ली गोल्फ क्लब यानी DGC एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. वजह केवल इसका आलीशान इतिहास या हाई-प्रोफाइल सदस्य नहीं हैं, बल्कि अब सवाल उस जमीन को लेकर उठ रहे हैं जिस पर यह क्लब दशकों से मौजूद है. दिल्ली जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए वेकेशन नोटिस के बाद राजधानी के दूसरे बड़े क्लबों पर भी निगाहें टिक गई हैं. पोलो क्लब और दिल्ली रेस क्लब को लेकर भी पहले सवाल उठ चुके हैं. ऐसे में अब चर्चा दिल्ली गोल्फ क्लब तक पहुंच गई है. राजधानी के बीचोंबीच 179 एकड़ में फैला यह क्लब लंबे समय से ‘एलिट एक्सेस’ और ‘सरकारी जमीन पर निजी इस्तेमाल’ की बहस के केंद्र में रहा है. यही वजह है कि अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह सवाल पूछा जाने लगा है कि क्या भविष्य में DGC को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है. हालांकि क्लब प्रबंधन का दावा है कि यह केवल गोल्फ क्लब नहीं बल्कि दिल्ली की हरियाली और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. लेकिन सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी सरकारी जमीन तक आम लोगों की पहुंच आखिर कितनी है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
