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Tejasvi Singh Dahiya: 30 लाख बेस प्राइस होते हुए 3 करोड़ रुपए में बिकने वाले दिल्ली के तेजस्वी सिंह सिर्फ मैदान पर ही चौके-छक्के नहीं लगाते हैं. उनकी माता का कहना है कि वह 10वीं और 12वीं में भी टॉपर रहे हैं. वहीं उनके बचपन के कोच का कहना है कि वह आखिरी गेंद तक खेलते हैं और आखिरी गेंद पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं.
दिल्ली: आईपीएल 2026 का सीजन शुरू हो चुका है. वहीं इस साल टीमों में खेल रहे कुछ अनकैप्ड प्लेयर्स की वजह से इस साल यह टूर्नामेंट और भी ज्यादा रोमांचक और लोगों के लिए दिलचस्प बना हुआ है. खासकर जब से कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली के तेजस्वी सिंह दहिया को उसके बेस प्राइस 30 लाख से ऊपर जाकर 3 करोड़ रुपए में खरीदा है. तब से कई चर्चाएं तेज हो चुकी हैं कि इस बार तेजस्वी सिंह दहिया को कोलकाता नाइट राइडर्स अपनी प्लेइंग 11 में रखेगी भी और जिस तरह से वह फॉर्म में है वह इस बार आईपीएल में कुछ ताबड़तोड़ पारियां भी खेल सकते हैं.
ऐसे में जब हम तेजस्वी सिंह दहिया के बारे में जानने के लिए उनके घर पहुंचे और वहां हमने उनकी माता और उनके बचपन के कोच वीके जैन से जब बात की तो आइए आपको आगे विस्तार से बताते हैं, उन्होंने क्या कुछ बताया.
कॉलेज में गोल्ड और क्रिकेट के मैदान पर कई रिकॉर्ड
तेजस्वी सिंह दहिया की माता बबीता सिंह ने बताया कि वह खुद एक टीचर हैं और तेजस्वी के पिता रविंद्र सिंह भी एक टीचर हैं. उनका कहना था कि जब तेजस्वी ने प्रोफेशनली क्रिकेट खेलने का फैसला किया था तो उन दोनों को थोड़ा अजीब लगा था, क्योंकि वह दोनों एजुकेशन सेक्टर से आते हैं और उनके परिवार में कोई दूर तक भारत की किसी भी खेल में नहीं है. लेकिन उनका कहना था कि उन्हें इस बात का पूरा यकीन था कि जितना तेजस्वी पढ़ाई में अच्छा है, उतना ही वह क्रिकेट में भी अच्छा करेगा.
बबीता ने आगे बताया कि तेजस्वी 10th क्लास में 10 सीजीपीए लाया था और 12th क्लास में भी वह 96% मार्क्स लाकर टॉपर बने थे. वहीं कॉलेज में भी अपनी पढ़ाई और अच्छा क्रिकेट खेलने की वजह से वह गोल्ड मेडल जीत चुका है. उनका कहना था कि तेजस्वी की पढ़ाई में और क्रिकेट के मैदान में जिस तरह से दोनों जगह इतनी अच्छी परफॉर्मेंस थी, उसे देखकर उन्हें यकीन था कि वह यदि पढ़ाई में आगे जाते हैं, तब भी अच्छा करेंगे और यदि क्रिकेट में आगे जाते हैं तब भी वह कमाल के खिलाड़ी बनेंगे. उन्होंने आगे यह भी कहा कि क्रिकेट के मैदान में तेजस्वी कई बड़े रिकॉर्ड बना चुके हैं, लेकिन उन्हें उनका दिल्ली प्रीमियर लीग में बनाया गया एक रिकॉर्ड सबसे ज्यादा प्रिया भी है और याद भी है जिसमें उन्होंने 12 बालों में हाफ सेंचुरी बना दी थी.
लास्ट बॉल विनर और मैच फिनिशर है तेजस्वी
तेजस्वी सिंह दहिया को सबसे पहले खेलते हुए उनके स्कूल के कोच वीके जैन ने 3rd क्लास में देखा था. वीके जैन का कहना था कि तेजस्वी जब 3rd क्लास में था तब से ही वह जिस तरह से बैट पर बाल को मिडिल करता था तभी से उन्हें यह लगता था कि यह लड़का आगे जाकर एक बड़ा खिलाड़ी बन सकता है. वीके जैन ने कहा कि तेजस्वी हर एक शॉट खेल लेता है. वहीं तेजस्वी के कई पारियों के बारे में याद करते हुए वीके जैन ने कहा कि उन्हें अभी भी याद है कि इंटर स्कूल का एक मैच हो रहा था जहां पर दो बॉल में चार रन चाहिए थे और तेजस्वी नॉन स्ट्राइकर एंड पर था और उसने स्ट्राइकर एंड वाले बैट्समैन को यह कह दिया था कि बाल बेट पर लगे या ना लगे उसे भगाना है.
वीके जैन ने आगे बताते हुए कहा कि हुआ भी यही जैसे ही बॉल बैट से टच हुई तो तेजस्वी स्ट्राइकर एंड की तरफ भागा और वह खुद स्ट्राइक पर जाकर आखिरी बॉल खेलने के लिए तैयार हो गया. उनका आगे कहना था कि आखरी बॉल में चार रन मैच जीतने के लिए चाहिए थे और तेजस्वी ने आखिरी बॉल पर चार रन मार दिए और वह मैच जीत गए. वीके जैन का अंत में कहना था कि तेजस्वी कि यह पारी वह कभी नहीं भूल सकते हैं और यहीं से उन्हें लगना शुरू हो गया था कि तेजस्वी बहुत बड़ा खिलाड़ी बनने वाला है.
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