दिल्‍ली में एक तरफ भीषण गर्मी, दूसरी तरफ पहुंच से बाहर होती LPG, अब लग गई यह नई पाबंदी, क्‍या करेंगे राजधानीवाले?

होमताजा खबरDelhi

दिल्‍ली में भीषण गर्मी, पहुंच से बाहर होती LPG, अब लग गई यह नई पाबंदी

Last Updated:

दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी खराब होने के बाद ग्रैप स्‍टेज वन लागू कर दिया गया है. इसके तहत खुले में कूड़ा जलाने, कोयला-लकड़ी के इस्तेमाल और डीजल जेनरेटर पर सख्ती बढ़ा दी गई है. पुराने और धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई होगी. कंस्ट्रक्शन साइट्स पर डस्ट कंट्रोल अनिवार्य कर दिया गया है. सड़कों पर पानी का छिड़काव और मैकेनाइज्ड सफाई बढ़ाई जाएगी. हालांकि सामान्य ट्रांसपोर्ट और ज्यादातर इंडस्ट्रीज जारी रहेंगी.

बदलते माहौल को देखते हुए दिल्‍ली में कुछ नई पाबंदियां लागू की गईं हैं.

New Restrictions in Delhi: राजधानी दिल्ली में एक तरफ भीषण गर्मी लोगों का जीना मुश्किल कर रही है, तो दूसरी तरफ एलपीजी पहुंच से बाहर हो चुकी है. इसी बीच, दिल्‍ली में एक ऐसी पाबंदी लग गई है, जो दिल्‍ली वालों के कलेजे को तो राहत देगी, लेकिन थोड़ा मुश्किलें भी खड़ी करेगी. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्‍यूआई खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रैप स्‍टेज-वन लागू कर दिया गया है. इसके बाद राजधानीवासियों को अब कई नियमों का पालन करना होगा, वरना भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है. तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. इसी बीच हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ गई. एक्‍यूआई 201 से 300 के बीच पहुंचते ही प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है. सबसे बड़ा असर सड़क किनारे खाने-पीने के कारोबार पर पड़ा है. अब ढाबों, छोटे होटल, रेस्तरां और खुले फूड स्टॉल पर कोयला और लकड़ी जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. ऐसे कारोबारियों को अब गैस, बिजली या दूसरे क्लीन फ्यूल का इस्तेमाल करना होगा. नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

इसके अलावा खुले में कूड़ा, पत्तियां, प्लास्टिक या किसी भी तरह का वेस्ट जलाना पूरी तरह बैन कर दिया गया है. नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीमें लगातार निगरानी करने के लिए कहा गया है. अगर कोई व्यक्ति या संस्था ऐसा करती पकड़ा गया तो भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है. 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन पहले से प्रतिबंधित हैं, लेकिन अब उनकी जांच और तेज होगी. सड़कों पर धुआं छोड़ने वाले वाहनों को जब्त तक किया जा सकता है. साथ ही पॉल्‍यूशन सर्टिफिकेट की जांच भी सख्ती से होगी.

निर्माण कार्यों को लेकर भी नए निर्देश जारी हुए हैं. बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन और निर्माण सामग्री को ढंकना जरूरी कर दिया गया है. यदि किसी भी साइट पर धूल उड़ते पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा, ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के लिए कहा गया है. लोगों को रेड लाइट पर इंजन बंद रखने की सलाह भी दी गई है ताकि प्रदूषण कम हो सके.

ग्रैप स्टेज 1 के लग गई ये पाबंदियां

  1. खुले में कूड़ा, पत्तियां, बायोमास या किसी भी तरह का वेस्ट जलाना पूरी तरह बैन हो गया है. उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
  2. सड़क किनारे ढाबों, होटल, रेस्तरां और खुले फूड स्टॉल पर कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. अब गैस, बिजली या क्लीन फ्यूल को ही इस्‍तेमाल किया जा सकता है.
  3. डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी और एसेंशियल सर्विसेज में ही किया जा सकेगा. सामान्य बैकअप के लिए इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता है.
  4. दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी. विजिबल स्मोक छोड़ने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी, भारी जुर्माना लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं.
  5. कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन साइट्स पर डस्ट कंट्रोल अनिवार्य है. पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन और सामग्री को ढंकना जरूरी है.
  6. 500 स्क्वायर मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए अप्रूव्ड डस्ट मिटिगेशन प्लान जरूरी है. सड़कों पर मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और वॉटर स्प्रिंकलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
  7. ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनात होगी. रेड लाइट पर वाहन चालकों को इंजन बंद रखने की सलाह दी गई है.
  8. पीयूसी नॉर्म्स की सख्त जांच की जाएगी. इंडस्ट्रीज, ब्रिक किल्न्स और हॉट मिक्स प्लांट्स को पॉल्यूशन कंट्रोल नॉर्म्स का सख्ती से पालन करना होगा.

फिलहाल इन बातों की है इजाजत?
डस्ट कंट्रोल मेजर्स के साथ सामान्य कंस्ट्रक्शन कार्य जारी रहेंगे. वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सामान्य रूप से चलते रहेंगे, लेकिन पॉल्यूटिंग व्हीकल्स पर सख्ती होगी. ज्यादातर इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज जारी रहेंगी, बशर्ते वे नियमों का पालन करें. आपको बता दें कि ग्रैप स्टेज 1 तब लागू किया जाता है जब एक्यूआई 201-300 के बीच यानी खराब एयर क्वालिटी श्रेणी में पहुंच जाता है. अगर प्रदूषण और बढ़ता है तो स्टेज 2, स्टेज 3 और स्टेज 4 में कड़ी पाबंदियां लागू हो सकती हैं.

About the Author

Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *