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प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “सरकार के हालिया निर्देशों और सुरक्षा से जुड़ी व्यापक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, हमने शहर भर में लगे CCTV कैमरों के एक बड़े हिस्से को हटाने का फैसला किया है, खासकर उन कैमरों को जो चीनी कंपनी Hikvision से लिए गए थे.”
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर चीनी कैमरों को हटाने का फैसला लिया गया है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के तहत, दिल्ली सरकार दिल्ली भर में लगे 1.4 लाख चीनी CCTV कैमरों को हटाकर उनकी जगह नए कैमरे लगाएगी. PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी. अभी, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लगभग 2.8 लाख कैमरे लगाए हुए हैं, जिनमें से पहले चरण में लगाए गए 1,40,000 CCTV कैमरे एक चीनी कंपनी के थे. मंत्री ने कहा, “सरकार के हालिया निर्देशों और सुरक्षा से जुड़ी व्यापक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, हमने शहर भर में लगे CCTV कैमरों के एक बड़े हिस्से को हटाने का फैसला किया है, खासकर उन कैमरों को जो चीनी कंपनी Hikvision से लिए गए थे.”
मंत्री ने पुरानी आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कैमरे खरीदते समय सिक्योरिटी को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया. अब इन चीनी कैमरों को स्टेप बाय स्टेप हटाया जाएगा. इनकी जगह मॉडर्न और सेफ सिस्टम लगाए जाएंगे. पहले फेज में 50 हजार कैमरे बदलने को हरी झंडी मिल गई है. सरकार ने डाटा सिक्योरिटी को अपनी टाप प्रायोरिटी बताया है.
पुरानी आम आदमी पार्टी सरकार पर लगे गंभीर आरोप
प्रवेश साहिब सिंह ने पुरानी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि कैमरे खरीदते समय सिक्योरिटी पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया. चीन की हिकविजन कंपनी के कैमरे दिल्ली की सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा हैं. ग्लोबल लेवल पर भी इस कंपनी को लेकर कई तरह के सवाल उठ चुके हैं.
पहले फेज में बदले जाएंगे 50 हजार कैमरे
दिल्ली में कैमरों का जाल दो अलग-अलग फेज में बिछाया गया था. पहले फेज में 1 लाख 40 हजार कैमरे लगे थे. ये कैमरे सितंबर 2020 से नवंबर 2022 के बीच लगे थे. दूसरे फेज में जून 2025 से मार्च 2026 तक 1 लाख 34 हजार कैमरे लगे. अब पहले फेज के सभी 1.4 लाख चीनी कैमरे हटाए जाएंगे. सरकार ने शुरुआत में 50 हजार कैमरों को बदलने की मंजूरी दे दी है.
‘यह नेशनल सिक्योरिटी और नागरिकों की सेफ्टी का मामला है’
सरकार ने साफ किया है कि निगरानी व्यवस्था में कोई रुकावट नहीं आएगी. पूरी प्रक्रिया बहुत ही स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से लागू की जाएगी. नया सिस्टम पहले से काफी ज्यादा सेफ और इफेक्टिव होगा. नई व्यवस्था डाटा सिक्योरिटी के बहुत हाई स्टैंडर्ड पर काम करेगी. प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, ‘यह सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा का मामला है’. सरकार दिल्ली के लोगों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं करेगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
