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Bihar Upchunav 2024: बेलागंज विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला रोमांचक होता जा रहा है. जहां राजद अपने किले को बचाने में लगी है वहीं जदयू ने भी अपने बड़े-बड़े नेताओं को जमीन पर उतार दिया है. क्या सोचती है बेलागंज की जनता आइये जानते हैं इस रिपोर्ट में…
जहानाबाद. बेलागंज उपचुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं. एक ओर जहां 34 साल का किला सुरक्षित रखने के लिए राजद नेता सुरेंद्र यादव अपने पुत्र विश्वनाथ प्रसाद के लिए मैदान में उतरे हुए हैं. वहीं दूसरी ओर उनका किला ध्वस्त करने के लिए एनडीए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. जदयू अपने प्रत्याशी को जीत दिलवाने के लिए बड़े-बड़े नेताओं को जमीन पर उतार रही है. इधर, जन सुराज पार्टी भी बिहार में अपना खाता खोलने के लिए लगातार रणनीति बना रही है. ऐसे में अब आने वाला 23 नवंबर यह तय कर देगा कि बेला की हवा की किस ओर है.
इस जीत की जिम्मेदारी जनता के कंधों पर है और वही तय करेगी कि इस बार बेला का सरताज कौन होगा? ऐसे में जनता का मिजाज भांपने के लिए Local 18 की टीम बेला शहर पहुंची, जहां बाजार में सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने आए लोगों से बातचीत की. यहां स्थानीय लोगों का मानना है कि मुकाबला इस बार रोचक होने वाला है. हालांकि, बाजी सुरेंद्र यादव के पुत्र विश्वनाथ यादव जीतने जा रहे हैं. कुछ लोगों ने विकास को लेकर कहा कि यहां विकास तो हुआ है, लेकिन जिस गति से होना चाहिए, वैसा नहीं है.
राजद और जदयू में टक्कर
स्थानीय मो. तौफीक आलम ने कहा कि राजद ही एक बार फिर से इस सीट पर कब्जा करेगी. जब सवाल किया गया क्यों? इस पर उन्होंने कहा कि वो हमेशा से हम लोगों के लिए अच्छा काम करती आ रही है. बेला में विकास हर जगह हुआ है. यहां न बिजली की समस्या है, न सड़क की और न ही नाली की. कुछ बचा हुआ है तो विश्वनाथ भैया जीत जायेंगे तो पूरा करा देंगे. वहीं, राम लखन यादव ने बताया कि राजद का इस सीट पर कब्जा था, है और आगे भी रहेगा. उन्होंने तंज लहजे में कहा कि यहां पर तीर नहीं चलता है, लालटेन यहां हमेशा से घर में उजाला करती आई है. राजद का समीकरण ध्वस्त नहीं हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि यहां 80 प्रतिशत लोग राजद के साथ हैं. एक भी यादव का वोट बैंक बेकार नहीं जाएगा.
राजद का समीकरण नहीं टूटा
उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी मो. अमजद को लेकर कहा कि उनके बारे में तो बहुत से लोग ये भी नहीं जानते कि वे कौन सी पार्टी से हैं. मोबिना खातून ने कहा कि अभी कुछ नहीं कह सकते हैं कि यहां का माहौल क्या है? हालांकि, समय के हिसाब से सब कुछ क्लियर हो जाएगा. हमारे यहां पर विकास हुआ है. नागेंद चौहान ने कहा कि इस बार का मुकाबला रोचक है. हालांकि, दो ही पार्टी के बीच टक्कर होने जा रही है. राजद और जदयू के बीच लड़ाई है. राहुल बताते हैं कि इस बार चुनाव को लेकर कुछ साफ साफ नहीं कहा जा सकता है. मुकाबला थोड़ा तगड़ा है. वहीं, पुनंजय कहते हैं कि इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. हालांकि, मनोरमा देवी बाजी मार सकती है.
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