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भारत में संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी महज 15 फीसदी है, जो दुनिया के औसत से काफी कम है. दुनिया के कई देश इस मामले में काफी आगे निकल चुके हैं. संसद में महिला आरक्षण बिल विपक्ष की वजह से गिर गया है. ऐसे में सवाल है कि भारत अपनी ही मां-बहनों को बराबरी का हक कब दे पाएगा.
Women Reservation Bill: संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर लंबे समय से राजनीतिक दल गाल बजाए जा रहे थे. लेकिन जब इस सरकार इन सपने को साकार करने के लिए अपने कदम को आगे बढ़ाया तो पूरा का पूरा विपक्ष विरोध में खड़ा हो गया. नतीजतन, लोकसभा में वोटिंग के दौरान महिला आरक्षण को लेकर आया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ गिर गया. इस बिल के पक्ष में जहां 278 वोट पड़े, वहीं विपक्ष के 211 सांसदों ने इसका विरोध किया.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
