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Lenskart Tilak Bindi Row/ Lenskart Dress Code Protest/ Bindi Tilak Controversy: कुछ समय पहले लेंसकार्ट कंपनी ने ड्रेस कोड को लेकर नई पॉलिसी जारी की थी. इसमें लेंसकार्ट स्टोर में कर्मचारियों को माथे पर तिलक, बिंदी, कलावा और हाथों में कलावा पहनने के लिए मना किया था. जैसे ही ये सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बवाल मच गया. ड्रेस कोड चेंज भी हो गया पर हिंदुओं का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है.
लेंसकार्ट ड्रेस कोड को लेकर नोएडा में हंगामा.
नोएडा. चश्मे की कंपनी लेंसकार्ट का ड्रेस कोड विवाद बढ़ता ही जा रहा है. लेंसकार्ट के अंदरूनी ड्रेस कोड को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक पुराना स्टाइल गाइड वायरल हुआ. इस दस्तावेज में कथित तौर पर हिजाब की अनुमति थी, लेकिन बिंदी, तिलक और टीका जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों का जिक्र नहीं था. इसके बाद से ही लगातार मामला बढ़ता जा रहा है. अब नोएडा के सेक्टर 110 में हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने हंगामा किया और लेंसकार्ट के अंदर जाकर कर्मचारियों को तिलक और कलावा बांधा. लोगों का कहना है कि कलावा या धार्मिक टैटू होने पर हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. आइए जानते हैं शुरू से पूरा मामला…
यह है विवाद
एक महीने पहले लेंसकार्ट कंपनी ने ड्रेस कोड को लेकर नई पॉलिसी जारी की थी. इसमें लेंसकार्ट स्टोर में कर्मचारियों को माथे पर तिलक, बिंदी, कलावा और हाथों में कलावा पहनने के लिए मना किया था. इसके बाद देश भर में लेंसकार्ट विरोध हुआ. हालाकि, विरोध के बाद लेंसकार्ट बैक फुट आ गई. अब कंपनी ने नए पॉलिसी जारी की है. कंपनी ने 18 अप्रैल को जारी बयान में कहा था कि हमने आपकी बात सुनी है, साफ तौर पर और खुले दिल से. पिछले कुछ दिनों में हमारे ग्राहकों और समुदाय ने अपनी राय रखी और हमने उसे गंभीरता से सुना है. आज हम अपनी इन-स्टोर स्टाइल गाइड को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से साझा कर रहे हैं. कंपनी ने साफ कहा कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का स्वागत है. पहले की कुछ कम्युनिकेशन से कर्मचारियों को ठेस पहुंची और इसके लिए माफी भी मांगी.
नोएडा में आज हंगामा
फिर भी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. नोएडा के सेक्टर-110 में आज एक हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने लेंसकार्ट के अंदर जाकर कर्मचारियों को तिलक और कलावा बांधा. संकल्प सेवा एनजीओ की फाउंडर विदुषी शर्मा ने बताया कि शोरूम पर आने का मकसद यही था कि पिछले कुछ दिनों में लेंसकार्ट के CEO ने दूसरे समुदाय के लिए कोई परहेज नहीं किया. पर हिंदू समुदाय के लोगों के शोरूम में आने के लिए तिलक लगाने, मांग भरने या बिंदी से परहेज किया गया. ये बड़ा मामला है.
उन्होंने आगे कहा कि हम सनातनी हैं. एम्प्लाइज को तिलक लगाने की आजादी नहीं थी. इसी का विरोध करने हम यहां आए हैं. भारत में सभी धर्म के लोग रहते हैं. हमने सभी एम्पलाइज को तिलक लगाया और कलावा बांधा. शोरूम में आए एक ग्राहक ने भी बताया कि हमारे हाथों में कलावा और धार्मिक टैटू है तो ऐसी चीजें नहीं आनी चाहिए. वो हमारी पर्सनल पसंद है. संगठन के शोरूम में पहुंचने पर पुलिस भी पहुंच गई और उन्होंने पूरी जानकारी ली.
क्या है नई ड्रेस कोड गाइडलाइन?
नई गाइडलाइन के मुताबिक कर्मचारियों को कंपनी की टी-शर्ट, साधारण गहरे नीले रंग की जींस और बंद जूते पहनना होगा. इसके साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक चीजें जैसे कड़ा, चूड़ियां, मंगलसूत्र, कलावा पहनने की अनुमति दी गई है. छोटे झुमके, नथ, अंगूठी और चेन भी पहन सकते हैं. गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि बिंदी, तिलक और सिंदूर जैसे धार्मिक चिन्ह पूरी तरह से मान्य हैं. वहीं पगड़ी और हिजाब जैसे सिर ढकने वाले कपड़े भी पहनने की अनुमति है, बशर्ते वे साफ-सुथरे हों और काम में बाधा न डालें. कंपनी ने यह भी कहा कि वह प्रोफेशनल माहौल, साफ-सफाई और सभी कर्मचारियों के साथ बराबरी का व्यवहार बनाए रखेगी. कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया गया है कि वे बिना डर के अपनी शिकायत एचआर से कर सकते हैं.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
