गाजियाबाद में बनेगा वर्ल्ड क्लास क्रिकेट स्टेडियम: GDA और UPCA की बैठक में सुलझे सारे विवाद, जानें कब शुरू होगा काम

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Ghaziabad News: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का रास्ता साफ हो गया है. हाल ही में GDA और UPCA के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं को सुलझा लिया गया. अब हिंडन एयरपोर्ट के मानकों के अनुसार स्टेडियम के स्टैंड्स की ऊंचाई तय की जाएगी और सुरक्षा के लिए हाई-टेंशन बिजली लाइनों को शिफ्ट या भूमिगत किया जाएगा. साथ ही, जलभराव रोकने के लिए सिंचाई विभाग के साथ मिलकर तटबंध प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा.

फोटो-AI

Ghaziabad News: क्रिकेट के दीवानों के लिए एक शानदार खबर सामने आ रही है. गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में बनने वाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का रास्ता अब पूरी तरह साफ होता नजर आ रहा है. लंबे समय से अटके इस प्रोजेक्ट को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रोजेक्ट की तकनीकी बाधाओं का समाधान निकाल लिया गया है.

बैठक में बनी सहमति: बाधाएं होंगी दूर
जीडीए के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्टेडियम के निर्माण में आ रही तीन प्रमुख समस्याओं एयरपोर्ट फनल जोन, हाई टेंशन बिजली लाइन और तटबंध निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य इन अड़चनों को हटाकर निर्माण कार्य को गति देना था.

एयरपोर्ट फनल जोन: तय होगी स्टैंड की ऊंचाई
स्टेडियम के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती हिंडन एयरबेस के पास होने के कारण ‘एयरपोर्ट फनल जोन’ का होना है. सुरक्षा नियमों के मुताबिक, इस क्षेत्र में इमारतों की ऊंचाई सीमित रखनी पड़ती है. बैठक में निर्णय लिया गया कि जीडीए अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को एक औपचारिक पत्र लिखेगा. इस पत्र के जरिए स्पष्ट रूप से यह पूछा जाएगा कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम के स्टैंड और लाइट टावरों की अधिकतम ऊंचाई कितनी रखी जा सकती है. इससे डिजाइन फाइनल करने में मदद मिलेगी.

हाई टेंशन लाइन: सुरक्षा के लिए लिया गया बड़ा फैसला
प्रस्तावित स्टेडियम की जमीन के ठीक ऊपर से हाई टेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं. यह खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हो सकती थीं.

  • क्या होगा बदलाव: इन लाइनों को शिफ्ट करने के लिए बिजली विभाग को पत्र भेजने का फैसला किया गया है. जीडीए प्रशासन अब बिजली विभाग के साथ मिलकर इस बात पर काम करेगा कि इन लाइनों को वहां से हटाया जाए या फिर उन्हें भूमिगत किया जाए, ताकि भविष्य में कोई खतरा न रहे.

जल भराव से निपटने के लिए तटबंध प्रोजेक्ट
स्टेडियम की लोकेशन के पास भविष्य में जल भराव की समस्या न हो और नींव सुरक्षित रहे, इसके लिए एक तटबंध बनाने का प्रस्ताव है. इस प्रोजेक्ट को लेकर जीडीए ने सिंचाई विभाग से संपर्क किया है. निर्देश दिए गए हैं कि सिंचाई विभाग के साथ मिलकर जमीन की डिजिटल मैपिंग की जाए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि तटबंध का निर्माण और स्टेडियम का बुनियादी ढांचा एक-दूसरे के काम में बाधा न डालें.

क्यों खास है यह स्टेडियम?
यह स्टेडियम न केवल गाजियाबाद बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए खेल का एक बड़ा केंद्र बनेगा. राजनगर एक्सटेंशन जैसे प्राइम लोकेशन पर होने के कारण यहां दिल्ली और नोएडा से कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर रहेगी. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से गाजियाबाद को इंटरनेशनल मैचों की मेजबानी करने का मौका मिलेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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