डैड्स के लिए बड़े काम का है यह 'स्विच-ऑफ' मंत्रा, बच्‍चों के साथ बेहतर होगा रिश्‍ता, ऑफिस का सारा स्‍ट्रेस भी गायब; जानें तरीका

Modern Dads parenting tips  : क्या आप भी शाम को ऑफिस से घर लौटते वक्‍त लॉग ऑफ तो हो जाते हैं, लैपटॉप भी रख देते हैं, लेकिन ऑफिस का तनाव(stress management) और हजारों ईमेल्स की चिंताओं को अपने साथ लिविंग रूम तक ले आते हैं? आज के ‘ऑलवेज-कनेक्टेड’ युग में, मॉडर्न डैड्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है ‘ऑफिस मोड से फादर मोड में स्विच करना’. अक्सर हम घर पहुँचते तो हैं, लेकिन शारीरिक रूप से. मानसिक रूप से हम अब भी उस पेंडिंग फाइल या क्लाइंट की कॉल में उलझे रहते हैं.यहीं काम आता है मॉडर्न फादर्स का नया ‘स्विच-ऑफ’ मंत्र.

मनोवैज्ञानिक (Clinical Psychologist) डॉ. कैथरीन स्टीनर-अडायर, कहती हैं,“जब आप घर लौटते हैं और फोन में उलझे रहते हैं, तो आप अपने बच्चों को अनजाने में यह संदेश देते हैं कि वे आपकी स्क्रीन पर मौजूद दुनिया से कम महत्वपूर्ण हैं. ‘स्विच-ऑफ’ करना वास्तव में ‘कनेक्ट’ होने की पहली सीढ़ी है.”

साइकोलॉजिस्ट एडम ग्रांट के अनुसार, “काम और जीवन के बीच संतुलन (Balance) बनाना केवल समय के प्रबंधन के बारे में नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा के प्रबंधन के बारे में है. आप घर पर कितने घंटे बिताते हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप वहां मानसिक रूप से कितने ‘उपस्थित’ (Present) हैं.

आइए जानते हैं कैसे मात्र 5 मिनट और थोड़े से अनुशासन से आप अपने घर के माहौल को खुशहाल बना सकते हैं:

क्या है यह ‘स्विच-ऑफ’ मंत्र?
यह कोई बहुत टेक्निकल काम नहीं है, बल्कि एक मानसिक ट्रांजिशन (Transition) है. इसका उद्देश्य ऑफिस की नकारात्मकता या काम के दबाव को घर की दहलीज के बाहर ही रोकना है.

कैसे करें अप्‍लाई-

1. ‘पॉज’ और मेडिटेशन
ऑफिस से निकलने के बाद या घर की बेल बजाने से ठीक पहले, सिर्फ कुछ मिनट का समय खुद को दें. इसके लिए अपनी कार में बैठे हुए या घर की सीढि़यों पर चढते वक्‍त थोड़ा रुकें, आंखें बंद करें. गहरी सांस लें और मन ही मन खुद से कहें, “काम का दिन खत्म हुआ, अब मेरा परिवार का समय शुरू होता है.” यह छोटा सा मेडिटेशन आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है और आपके गुस्से या चिड़चिड़ेपन को कम कर देता है.

2. ‘स्मार्टफोन’ को दें विश्राम
90% डैड्स घर पहुँचते ही सबसे पहले फोन चेक करते हैं. ‘स्विच-ऑफ’ मंत्र का दूसरा नियम है, घर में प्रवेश करते ही कम से कम पहले 30 मिनट तक फोन को टच न करें. फोन को साइलेंट मोड पर डालें और उसे एक निश्चित जगह (Charging Point) पर रख दें. ईमेल्स और वॉट्सएप नोटिफिकेशन को थोड़ी देर इंतजार करने दें. जब आप अपने बच्चे की आंखों में देखकर उससे बात करते हैं, तो वह बॉन्डिंग किसी भी ‘लाइक’ या ‘रिट्वीट’ से बड़ी होती है.

3. ‘कपड़े बदलें, मूड बदलें’
यह मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत असरदार है. घर पहुँचते ही सबसे पहले ऑफिस के कपड़े बदलें और आरामदायक कपड़े पहनें. जैसे ही आप फॉर्मल शर्ट-पेंट उतारते हैं, आपका मस्तिष्क सिग्नल देता है कि आप अब ‘ड्यूटी’ पर नहीं हैं. यह आपको मानसिक रूप से रिलैक्स होने में मदद करता है.

4. बच्चों के साथ ‘क्वालिटी टाइम’ का नया तरीका
ऑफिस का स्ट्रेस कम करने का सबसे अच्छा तरीका है बच्चों के खेल में शामिल होना. चाहे वो उनके साथ ब्लॉक बिल्डिंग हो या सिर्फ पार्क में टहलना. जब आप बच्चों की मासूम दुनिया में खोते हैं, तो ऑफिस के बड़े-बड़े ‘क्राइसिस’ छोटे लगने लगते हैं.

5. ‘टू-डू लिस्ट’ कल के लिए छोड़ें
अगर कल के लिए कोई जरूरी काम याद आए, तो उसे फोन पर नोट करने के बजाय डायरी में लिख लें और तय करें कि इस पर चर्चा कल सुबह ऑफिस जाकर ही होगी. घर पर काम की बात करने से स्ट्रेस लेवल फिर से बढ़ जाता है.

एक ‘सुपर डैड’ बनने का मतलब यह नहीं है कि आप थकें नहीं, बल्कि यह है कि आप अपनी थकान का असर अपने रिश्तों पर न पड़ने दें. यह 5 मिनट का मेडिटेशन और डिजिटल डिटॉक्स न केवल आपकी मेंटल हेल्थ के लिए अच्छा है, बल्कि आपके बच्चों को भी एक शांत और खुशमिजाज पिता देता है.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *