'बीजेपी ड्रामा कंपनी' लिखना पड़ा भारी! कोर्ट का AAP और सौरभ भारद्वाज को बांसुरी स्वराज का भ्रामक वीडियो हटाने का आदेश

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‘बांसुरी स्‍वराज की वीड‍ियो हटानी होगी’, कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को द‍िया आदेश

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दिल्ली की साकेत अदालत ने आम आदमी पार्टी और सौरभ भारद्वाज को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कथित मानहानिकारक वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. AAP नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने एक प्रदर्शन के दौरान स्वराज द्वारा केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे का हाथ पकड़ने वाले वीडियो को ‘पुलिसकर्मी का हाथ पकड़ने’ का भ्रामक दावा कर शेयर किया था.

साकेत कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को पोस्‍ट हटाने का आदेश द‍िया है.

दिल्ली की साकेत अदालत ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं को एक बड़ा झटका देते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं. अदालत ने आप नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज के साथ-साथ अंकुश नारंग को बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई कथित मानहानिकारक सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया है. यह पूरा विवाद एक वीडियो क्लिप से जुड़ा हुआ है, जिसे राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था और बाद में उसे सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक तरीके से पेश किया गया.

साकेत कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर पाल सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया. अदालत ने सौरभ भारद्वाज, अंकुश नारंग और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया है कि वे इंस्टाग्राम, X, फेसबुक, यूट्यूब या किसी भी अन्य डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इस विवादित सामग्री को तुरंत हटा दें. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि 19 अप्रैल 2026 के इस वीडियो से संबंधित किसी भी कथित मानहानिकारक सामग्री को दोबारा प्रकाशित, होस्ट, अपलोड, प्रसारित या साझा न किया जाए. जज ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक प्रतिवादी पक्ष ऐसी किसी भी सामग्री के प्रकाशन पर पूरी तरह से रोक लगाए रखेगा.

विवाद की जड़ 19 अप्रैल का वह प्रदर्शन
इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को हुई एक राजनीतिक घटना से हुई है. दरअसल, संविधान संशोधन विधेयक 2026 के गिर जाने के विरोध में बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर एक जोरदार प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में नई दिल्ली से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए थे. हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे और अन्य बीजेपी नेताओं को हिरासत में ले लिया था.

वीडियो में क्या था और AAP पर क्या हैं आरोप?
बांसुरी स्वराज का पक्ष है कि जब दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस बस की तरफ ले जा रही थी, तब उन्होंने एकजुटता और समर्थन दिखाने के लिए अपने साथ चल रहीं केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे का हाथ पकड़ लिया था. स्वराज ने अदालत में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और सौरभ भारद्वाज ने इस घटना के वीडियो को जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया. उन्होंने आरोप लगाया कि AAP नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘भारतीय ड्रामा कंपनी / BJP ड्रामा कंपनी’ के शीर्षक से यह वीडियो प्रसारित किया. इतना ही नहीं, भ्रम फैलाने के लिए वीडियो फुटेज में हाथ पकड़ने वाली जगह पर एक ‘लाल घेरा’ बना दिया गया और उसके साथ कैप्शन में लिखा गया कि सांसद ने जानबूझकर पुलिस अधिकारी का हाथ पकड़ा.

छवि खराब करने की कोशिश का आरोप
बीजेपी सांसद ने अपनी याचिका में मजबूती से यह बात रखी कि यह वीडियो महज एक राजनीतिक कटाक्ष नहीं था, बल्कि इसके जरिए तथ्यों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर जनता के सामने पेश किया गया. उनका आरोप है कि यह कृत्य दुर्भावनापूर्ण था और इसका एकमात्र उद्देश्य एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करना था.

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Gyanendra Mishra

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