बाथ-टब में तैरते बर्फ के टुकड़े और जम देने वाला ठंडा पानी, किसी लग्जरी स्पा का नजारा नहीं बल्कि दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में मौत को मात देने की आखिरी कोशिश है. जब आसमान से बरसती आग इंसान के खून को खौलाने लगती है और शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, तब डॉक्टर मरीज को सीधे इस बर्फीले टब में उतार देते हैं. उत्तर भारत में सूरज के जानलेवा तेवरों और आईएमडी (IMD) के भीषण ‘हीट वेव’ अलर्ट के बीच, अस्पताल का यह ‘कोल्ड वॉटर इमर्शन’ प्रोटोकॉल अब उन लोगों के लिए जीवनदान बनने वाला है जिनका शरीर लू की चपेट में आकर 104 डिग्री के पार दहक रहा है.
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 से 4 दिनों के लिए भीषण हीट वेव (Heat Wave) का अलर्ट जारी किया है. आसमान से बरसती आग के बीच दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने कमर कस ली है. अस्पताल में एक विशेष हीट स्ट्रोक यूनिट सेटअप की गई है, जहां आधुनिक तकनीक और विशेष प्रोटोकॉल के जरिए मरीजों का इलाज किया जाएगा.
आरएमएल के डॉक्टर अजय चौहान ने बताया कि लू की चपेट में आए गंभीर मरीजों के लिए ‘कोल्ड वॉटर इमर्शन’ तकनीक का इस्तेमाल होगा. इसमें एक बड़े टब में बर्फ और पानी मिलाकर मरीज को लिटाया जाता है, ताकि उसके शरीर का तापमान तेजी से घटाकर 100 डिग्री फ़ारेनहाइट तक लाया जा सके. तापमान कम होने के बाद ही आगे का इलाज शुरू होता है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में हीट स्ट्रोक के 75 मामले सामने आए थे, जिसे देखते हुए इस बार तैयारियां और पुख्ता की गई हैं.
अगले 4 दिन भारी: IMD का अलर्ट और बदलता मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू का कहर जारी रहेगा. हालांकि, कुछ राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है:
· तूफान और ओले: 25 और 26 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, जबकि 26 से 28 अप्रैल के दौरान झारखंड और बिहार में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
· झारखंड में अलर्ट: 26 अप्रैल को झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में ओले गिरने का अनुमान है.
· भारी बारिश: पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में इस पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
हीट स्ट्रोक और बचाव
हीट स्ट्रोक होने पर शरीर के साथ क्या होता है?
हीट स्ट्रोक में शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे बॉडी टेम्परेचर 104 डिग्री फ़ारेनहाइट के पार पहुंच जाता है. यह अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा हो सकता है.
RML अस्पताल की हीट स्ट्रोक यूनिट में खास क्या है?
यहाँ मरीजों का तापमान कम करने के लिए ‘आइस बाथ’ (बर्फ और पानी का टब) की सुविधा है. डॉक्टर पहले शरीर का तापमान 100 डिग्री तक लाते हैं ताकि दिमाग और दिल पर असर कम हो.
लू से बचने के लिए तुरंत क्या उपाय करने चाहिए?
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, ओआरएस (ORS) का घोल लें और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को गीले कपड़े या छाते से ढंककर रखें.
