सर्जरी के लिए नोएडा के अस्पतालों में प्रयोग होगा एआई रोबोट, सस्ते में मरीजों के रोगों का होगा निदान

नोएडा: नोएडा के मेदांता अस्पताल ने इलाज की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए वर्ल्ड क्लास AI आधारित रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर दी है. अस्पताल का दावा है कि अब मरीजों को जटिल ऑपरेशन से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नई तकनीक सर्जरी को ज्यादा सुरक्षित, सटीक और आसान बना रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल इसे आम लोगों के लिए किफायती बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है, जिससे इलाज का खर्च और आईसीयू में रहने का समय दोनों कम हो सके.

एडवांस रोबोटिक सर्जरी ने बदली परिभाषा

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाला द विन्सी सर्जिकल सिस्टम बेहद एडवांस तकनीक है. यह सिस्टम सर्जन को 3D व्यू, बेहतर कंट्रोल और अधिक सटीकता देता है। इसके साथ AI का सपोर्ट होने से सर्जरी और भी स्मार्ट हो जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक, इससे शरीर के अंदर छोटे-छोटे हिस्सों में भी बिना नुकसान पहुंचाए ऑपरेशन करना संभव हो पाता है. यही वजह है कि मरीज को कम दर्द होता है और रिकवरी भी तेजी से होती है.

लंग ट्रांसप्लांट और थोरैसिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉक्टर बेलाल बिन आसफ ने बताया कि एडवांस्ड रोबोटिक प्रोसीजर्स ने सर्जरी की परिभाषा बदल दी है. उनका कहना है कि दा विंची सिस्टम के साथ AI का उपयोग सर्जरी को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाता है. पहले जहां जटिल ऑपरेशन में ज्यादा समय और जोखिम होता था, अब वही प्रक्रिया कम समय में और ज्यादा सटीकता के साथ की जा सकती है. इससे मरीज की जान को खतरा भी कम होता है और इलाज का परिणाम बेहतर मिलता है.

गायनकोलॉजी सर्जरी में बड़े बदलाव

गायनेकोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डाक्टर प्रिया बंसल ने इस तकनीक के शानदार उदाहरण साझा किए. उन्होंने बताया कि एक महिला के यूट्रस से 16 रसौलियां निकालने के बावजूद यूट्रस को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, जो पारंपरिक सर्जरी में काफी मुश्किल होता है. वहीं 92 साल की एक बुजुर्ग महिला के यूट्रस कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया और वह सिर्फ 4-5 दिन में सामान्य जीवन में लौट आईं. ये उदाहरण दिखाते हैं कि रोबोटिक सर्जरी बुजुर्ग और जटिल मामलों में भी कितना असरदार साबित हो रही है. अस्पताल में यह सुविधा लगभग हर विभाग में उपलब्ध कराई गई है. इनमें गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी, जनरल सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट और एंडोक्राइन सर्जरी, चेस्ट सर्जरी, यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और हेड एंड नेक कैंसर शामिल हैं.

आने वाले समय के होगे ये बदलाव और किफायती

खासतौर पर हेड एंड नेक कैंसर के इलाज में यह तकनीक गेम चेंजर साबित हो रही है. डॉक्टर्स की टीम का कहना है कि जटिल हिस्सों में भी सर्जरी करते समय जरूरी अंगों को सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे मरीज की बोलने और निगलने की क्षमता बेहतर बनी रहती है. डॉक्टरों की टीम के मुताबिक, रोबोटिक सर्जरी से सर्जन को बेहतर कंट्रोल, फ्लेक्सिबिलिटी और विज़ुअलाइजेशन मिलता है, जिससे ऑपरेशन अधिक सटीक हो जाता है जीआई और जीआई ऑन्कोलॉजी जैसी जटिल सर्जरी में भी अब काफी सुधार देखा जा रहा है. कुल मिलाकर, यह तकनीक मरीजों के लिए कम दर्द, कम खर्च, जल्दी रिकवरी और बेहतर रिजल्ट लेकर आई है। मेदांता अस्पताल की यह पहल दिखाती है कि कैसे आधुनिक तकनीक को जमीन पर उतारकर आम मरीजों को वर्ल्ड क्लास इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है. आने वाले समय में यह तकनीक हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने वाली है, और किफायती होगी.

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