Last Updated:
Ghaziabad News: अब युवाओं को पढ़ाई के बाद नौकरी या बिजनेस के लिए किसी अन्य राज्य या शहर जाने की जरुरत नहीं है. सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ऐसे ही लोगों के लिए बड़ा मौका लेकर आई है, जहां युवा अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं. आइए इस योजना के बारे में पूरी जानकारी आपको देते हैं.
गाजियाबाद: गांवों में रहने वाले युवा और महिलाएं अब अपने सपनों को सच करने के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहेंगे. पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में भटकने की बजाय अब वे अपने ही गांव में रोजगार शुरू कर सकते हैं. सरकार की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ऐसे ही लोगों के लिए बड़ा मौका लेकर आई है, जहां युवा अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और महिलाएं भी टेलरिंग, आटा चक्की जैसे कामों के जरिए आत्मनिर्भर बन सकती हैं. इस योजना का मकसद गांवों में ही रोजगार पैदा करना और लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि हर घर आगे बढ़ सके.
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत गाजियाबाद जिले में छह युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है. योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवक-युवतियां अपने गांव में ही छोटा उद्योग स्थापित कर सकें. इसके लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी, ताकि शुरुआत करना आसान हो सके और रोजगार के अवसर गांव स्तर पर ही तैयार हो.
क्या है सरकार का उद्देश्य?
इस योजना के तहत सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग दोनों तरह के उद्योगों को शामिल किया गया है. सर्विस सेक्टर में साइबर कैफे, कैब सर्विस जैसे काम शुरू किए जा सकते हैं, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में महिलाएं टेलरिंग, आटा चक्की जैसे छोटे कारोबार आसानी से शुरू कर सकती हैं. खास बात यह है कि यह योजना सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है यानी शहरों में रहने वाले लोग इसका लाभ नहीं उठा सकेंगे. इसका उद्देश्य साफ है कि गांवों को मजबूत बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाना.
आर्थिक सहायता की बात करें तो इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा. इसमें भी अलग-अलग वर्गों के लिए ब्याज में राहत दी गई है. सामान्य वर्ग के लोगों को केवल 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि बाकी ब्याज ग्रामोद्योग विभाग की ओर से वहन किया जाएगा. वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए यह लोन पूरी तरह ब्याज मुक्त रखा गया है यानी उन्हें शून्य प्रतिशत ब्याज पर यह सुविधा मिलेगी.
आवेदन के लिए यह दस्तावेज जरूरी
आवेदन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और जिस गांव में उद्योग स्थापित करना है, वहां के प्रधान से अनापत्ति प्रमाण पत्र जरूरी होगा. इसके साथ ही जिस व्यवसाय को शुरू करना है, उसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करनी होगी. इन सभी दस्तावेजों के साथ आवेदक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. जो लोग खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे नजदीकी साइबर कैफे की मदद ले सकते हैं. इसके अलावा गाजियाबाद के मेरठ रोड स्थित जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जाकर भी आवेदन किया जा सकता है. इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में ही रोजगार के अवसर बढ़ें और युवा अपने घर के पास ही आत्मनिर्भर बन सकें.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
