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Justice Swarn kanta vs Arvind Kejriwal News: दिल्ली शराब घोटाले केस से जस्टिस स्वर्ण कांता ने खुद को अलग कर लिया है. हालांकि, जाते-जाते उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका दिया है. उन्होंने केजरीवाल समेत आप के 5 नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है. बड़ी बात ये है कि इस मामले की सुनवाई वो खुद करेंगी.
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ अवमानना का केस खुद सुनेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता.
Justice Swarn kanta vs Arvind Kejriwal News: दिल्ली शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) और अरविंद केजरीवाल के सामने एक बेहद अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है. केजरीवाल और उनकी पार्टी यह तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि वे इस नए घटनाक्रम पर खुशी जाहिर करें या फिर नई मुसीबत पर मातम मनाएं. दरअसल, गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक बड़ा कानूनी वाकया देखने को मिला. जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई से अलग (Recuse) कर लिया है. लेकिन, केस छोड़ने के साथ ही उन्होंने जाते-जाते केजरीवाल समेत AAP के 5 बड़े नेताओं को एक तगड़ा कानूनी झटका दे दिया है.
जस्टिस शर्मा ने मुख्य मामले से खुद को अलग करते हुए अरविंद केजरीवाल और अन्य चार नेताओं के खिलाफ अदालत की ‘अवमानना’ (Contempt of Court) की कार्यवाही शुरू कर दी है. इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि शराब घोटाले के मुख्य केस की सुनवाई अब हाईकोर्ट की कोई दूसरी बेंच करेगी, लेकिन इन नेताओं के खिलाफ शुरू किए गए ‘अवमानना’ मामले की सुनवाई खुद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ही करेंगी.
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि वह केस से हटने के अपने आदेश को वापस नहीं ले रही हैं. जस्टिस शर्मा ने अपने आदेश में साफ किया कि चूंकि उन्होंने इन नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है, इसलिए न्यायिक निष्पक्षता के लिहाज से यह पूरी तरह उचित है कि मुख्य मामले को किसी दूसरे जज के पास ट्रांसफर कर दिया जाए. एक तरफ जस्टिस शर्मा का केस से हटना AAP के लिए राहत की खबर हो सकती थी, लेकिन अदालत की अवमानना के इस नए दांव ने केजरीवाल और उनकी पार्टी की कानूनी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं.
स्वर्ण कांता ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों से जुड़े केस की सुनवाई के दौरान जज ने अदालत और खुद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की आलोचना की. उन्होंने बेहद ही सख्त लहजे में कहा कि कुछ लोगों द्वारा उनके और कोर्ट के खिलाफ बेहद अपमानजनक, निंदनीय और छवि को नुकसान पहुंचाने वाली पोस्ट जा रही है. उन्होंने कहा कि ये न्यायपालिका के अधिकार को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है. जज ने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि वह अपने खिलाफ चलाए जा रहे इस ‘राजनीतिक अभियान’ से बिल्कुल भी डरने वाली नहीं हैं, साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि अदालत की अवमानना का कानून सिर्फ किसी एक जज की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक संस्था के रूप में पूरी न्यायपालिका की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए है.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें
