Ghaziabad Delhi Metro Route: वैशाली से गोकुलपुरी तक बनेगी नई मेट्रो लाइन, हिंडन एयरपोर्ट भी मिनटों में जाएंगे पहुंच

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Ghaziabad Metro Route/ Ghaziabad Development Authority/ Delhi Metro Rail Corporation / Delhi via Hindon Civil Terminal/ Vaishali Via Hindon/ Metro Corrido Vaishali Via Hindon: नोएडा, दिल्ली के बाद गाजियाबाद मेट्रो भी रफ्तार पकड़ रही है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इसके लिए कमर कस ली है. उसने दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से ब्लू लाइन के वैशाली टर्मिनल स्टेशन को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी से जोड़ने वाली नई मेट्रो लाइन के लिए डीपीआर तैयार करने का अनुरोध किया है. यह प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर करीब 16 किलोमीटर लंबा होगा. इसके बनने से दिल्ली एनसीआर के लोगों को बहुत फायदा होगा. 

इस नई मेट्रो लाइन की खास बात यह है कि यह हिंडन सिविल टर्मिनल से होकर गुजरेगी. फिलहाल ये दिल्ली-एनसीआर के दूसरे हवाई अड्डे के रूप में काम कर रहा है. प्रस्तावित रूट पर लगभग 7 स्टेशन बनाए जाने की संभावना है. यह कॉरिडोर साहिबाबाद, मोहन नगर, पसुंडा, हिंडन सिविल टर्मिनल और गगन विहार जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा, जिससे लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.

दरअसल, डीएमआरसी ने पिछले साल जुलाई में मेट्रो विस्तार योजना के पांचवें चरण के तहत दिल्ली-एनसीआर में 18 नई परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा था, जिनमें से तीन गाजियाबाद से जुड़ी थीं. इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए जीडीए ने वैशाली-गोकुलपुरी कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में यह रिपोर्ट तैयार होकर जमा हो जाएगी.

पहले डीएमआरसी की योजना के तहत गोकुलपुरी को हिंडन सिविल टर्मिनल के रास्ते रेड लाइन के अर्थला स्टेशन से जोड़ने के लिए 12-13 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित था. लेकिन अब जीडीए इस योजना का विस्तार करना चाहता है, ताकि इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के करीब पांच लाख से ज्यादा लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके.

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वर्तमान में हिंडन सिविल टर्मिनल की स्थिति यह है कि यह नजदीकी मेट्रो स्टेशनों दिलशाद गार्डन और मेजर मोहित शर्मा राजेंद्र नगर से लगभग पांच किलोमीटर दूर है. ये दोनों स्टेशन रेड लाइन पर स्थित हैं, जिससे यात्रियों को अंतिम दूरी तय करने में दिक्कत होती है. हालांकि साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन एक तेज विकल्प देता है, लेकिन यहां भी अंतिम मील की कनेक्टिविटी के लिए लोगों को ऑटो और कैब पर निर्भर रहना पड़ता है.

इसके अलावा, शहर में दो अन्य मेट्रो परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं. इनमें रेड लाइन पर शहीद स्थल न्यू बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन तक तीन किलोमीटर का विस्तार और नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद तक पांच किलोमीटर लंबा लिंक शामिल है. यह लिंक इंदिरापुरम, शक्ति खंड और वसुंधरा सेक्टर-5 को जोड़ेगा और इसमें पांच स्टेशन बनाए जाएंगे.

इन तीनों कॉरिडोर के पूरा होने पर गाजियाबाद में मेट्रो नेटवर्क करीब 25 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा. इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 7,500 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो औसतन 300 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से है. हालांकि, नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी-साहिबाबाद कॉरिडोर 2018 से फंड की कमी के कारण अटका हुआ है, जबकि इसकी डीपीआर पहले ही तैयार की जा चुकी है.

अब आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा डीपीआर तैयार करने के निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार से वित्तीय सहायता मिल सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि फंडिंग पहले एक बड़ी बाधा थी, लेकिन अब परियोजनाओं के जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है.

मेट्रो कॉरिडोर पूरे होते ही गाजियाबाद यूपी का पहला ऐसा शहर बन जाएगा, जहां मेट्रो, रेलवे और नमो भारत रैपिड रेल तीनों का ट्राई जंक्शन एक जगह पर होगा. नमो भारत की तरह जीडीए इन प्रोजेक्ट्स की 4800 करोड़ की फंडिंग के लिए भी तेजी दिखा रही है. दिल्ली मेट्रो और जीडीए मेट्रो स्टेशनों की लोकेशन, टेक्निकल प्वाइंट्स पर आगे कवायद तेज करेंगी.

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