नॉन-स्टिक और स्टेनलेस स्टील में क्या अंतर है? किसमें खाना बनाना सेफ, भूलकर भी न करें ये गलती

आजकल लगभग हर रसोई में नॉन-स्टिक और स्टेनलेस स्टील दोनों तरह के बर्तन देखने को मिलते हैं. कुछ लोग नॉन-स्टिक पैन में रोज का नाश्ता बनाना पसंद करते हैं, तो कुछ लोग स्टील के बर्तनों को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. लेकिन जब बात सेहत और सुरक्षित खाना बनाने की आती है, तो कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर किस बर्तन में खाना बनाना बेहतर है. अगर आप भी किचन के लिए सही विकल्प चुनना चाहते हैं, तो दोनों के बीच का अंतर समझना जरूरी है.

हर बर्तन का अपना उपयोग, फायदा और सावधानी होती है. सिर्फ दिखने या सुविधा के आधार पर चुनाव करना सही नहीं है. कई बार गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर अच्छे बर्तन भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन सा बर्तन किस काम के लिए बेहतर है और किस गलती से बचना चाहिए.

नॉन-स्टिक बर्तन क्या होते हैं
नॉन-स्टिक बर्तनों पर खास कोटिंग होती है, जिसकी वजह से खाना सतह पर चिपकता नहीं है. इसमें कम तेल में भी खाना आसानी से बन जाता है. ऑमलेट, डोसा, पैनकेक, टिक्की या हल्की फ्राई चीजें बनाने के लिए यह काफी पसंद किए जाते हैं. इन्हें साफ करना भी आसान होता है, इसलिए व्यस्त लोगों के लिए यह सुविधाजनक विकल्प माना जाता है.

स्टेनलेस स्टील बर्तन कैसे होते हैं? 
स्टेनलेस स्टील मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले बर्तन होते हैं. इन पर कोई कोटिंग नहीं होती, इसलिए सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये सुरक्षित माने जाते हैं. दाल, सब्जी, चावल, करी और रोजमर्रा की कुकिंग के लिए स्टील के बर्तन अच्छे विकल्प हैं. इन्हें हाई हीट पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

सेहत के हिसाब से कौन बेहतर
अगर दोनों बर्तनों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो दोनों सुरक्षित हो सकते हैं. लेकिन नॉन-स्टिक बर्तनों में सबसे जरूरी बात है कि उनकी कोटिंग सही हालत में हो. अगर पैन पर खरोंच पड़ गई हो, परत उतरने लगी हो या वह बहुत पुराना हो गया हो, तो उसे बदल देना बेहतर है. दूसरी तरफ स्टेनलेस स्टील में ऐसी कोटिंग नहीं होती, इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल में इसे ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है.

किसमें खाना बनाना आसान
अगर आप कम तेल में जल्दी खाना बनाना चाहते हैं, तो नॉन-स्टिक बेहतर है. इसमें खाना आसानी से पलटता है और चिपकता नहीं. वहीं स्टील के बर्तनों में थोड़ा अनुभव चाहिए, क्योंकि सही तापमान और तेल का ध्यान न रखा जाए तो खाना चिपक सकता है. लेकिन एक बार तरीका समझ आ जाए तो स्टील में भी शानदार खाना बनता है.

भूलकर भी न करें ये गलती
नॉन-स्टिक बर्तनों में धातु के चमचे, चाकू या तेज स्क्रबर का इस्तेमाल न करें. इससे कोटिंग जल्दी खराब हो सकती है. बहुत तेज आंच पर खाली पैन गर्म करना भी सही नहीं है. वहीं स्टील के बर्तनों को बार-बार जलाकर छोड़ना या गीला रख देना उनकी चमक खराब कर सकता है.

कौन सा बर्तन कब इस्तेमाल करें? 
नाश्ते की चीजें, अंडा, पैनकेक, चीला या कम तेल वाली रेसिपी के लिए नॉन-स्टिक अच्छा है. दाल, सब्जी, ग्रेवी, उबालने और लंबे समय तक पकने वाले खाने के लिए स्टेनलेस स्टील बेहतर माना जाता है. अगर किचन में दोनों तरह के बर्तन हों, तो काम और भी आसान हो जाता है. इसके अलावा नॉन-स्टिक खरीदते समय अच्छी क्वालिटी और भरोसेमंद ब्रांड चुनें. स्टील बर्तन लेते समय भारी तले वाले बर्तन बेहतर रहते हैं. सस्ते और बहुत हल्के बर्तन जल्दी खराब हो सकते हैं. अगर आप टिकाऊ और लंबे समय के लिए बर्तन चाहते हैं, तो स्टेनलेस स्टील अच्छा विकल्प है.

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