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Gaur Green Avenue Fire : गाजियाबाद ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी पर मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि सोसायटी का फायर फाइटिंग सिस्टम इस बार ‘लाइफसेवर’ साबित हुआ. टावर-डी के 9वें फ्लोर पर भीषण आग लग गई जो देखते ही देखते कई मंजिलों तक फैल गई और दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने लगा. फायर फाइटिंग सिस्टम ने इस आग को बुझाने में भूमिका निभाई, क्योंकि कई जगह फायर टेंडर समय पर नहीं पहुंच पाए थे. ऐसे में जरूरी है कि सभी सोसाइटी अपने फायर सिस्टम को दुरुस्त रखें और आग से बचाव के पूरे इंतजाम सुनिश्चित करें.
गाजियाबाद : इंदिरापुरम के अभय खंड में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे 15 मंजिला गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी (Gaur Green Avenue Society Fire) के टावर-डी के 9वें फ्लोर पर भीषण आग लग गई. यह आग देखते ही देखते कई मंजिलों तक फैल गई और दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने लगा. लोग किसी तरह सीढ़ियों से बाहर निकले. अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल भेजा गया. सूचना पर फायर ब्रिगेड की 14 गाड़ियां पहुंचीं और करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया गया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आगजनी की घटना में सोसाइटी के फायर फाइटिंग सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वरना नुकसान और बढ़ सकता था. आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने भी लोकल 18 से बातचीत में फायर सिस्टम की अहमियत बताई.
सोसाइटी के आरडब्ल्यूए सेक्रेटरी रितेश ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले ही फायर सिस्टम को अपग्रेड कराया गया था और फायर विभाग से एनओसी भी ली गई थी. सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने 9वीं मंजिल के एक फ्लैट में आग लगी देखी, जिसके बाद तुरंत सूचना दी गई. सिक्योरिटी गार्ड, मेंटेनेंस स्टाफ और समिति के लोगों ने फायर सिस्टम की मदद से आग पर काबू पाना शुरू किया और फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया. समय रहते कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
हालांकि आग तेजी से फैल रही थी. सोसाइटी में 140 से अधिक फायर एक्सटिंग्विशर और हर टावर में हाइड्रॉलिक पाइप सिस्टम लगा है, जिसकी वजह से आग को फैलने से रोका जा सका. फायर फाइटिंग सिस्टम करीब 70 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ है. गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में 447 फ्लैट में लगभग 2000 लोग रहते है. फायर फाइटिंग सिस्टम ने इस आग को बुझाने में भूमिका निभाई, क्योंकि कई जगह फायर टेंडर समय पर नहीं पहुंच पाए थे. बताया गया कि अगर फायर सिस्टम सही हालत में नहीं होता तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी. शहर की कई हाईराइज सोसाइटी में अब भी फायर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, ऐसे में जरूरी है कि सभी सोसाइटी अपने फायर सिस्टम को दुरुस्त रखें और आग से बचाव के पूरे इंतजाम सुनिश्चित करें.
सोसायटी आरडब्ल्यूए के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश त्यागी ने बताया कि सोसाइटी में कुछ समय पहले ही फायर सिस्टम को दुरुस्त कराया गया था, जिसके चलते आग लगने के शुरुआती समय में ही काफी हद तक उस पर काबू पा लिया गया. हालांकि बाद में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मिलकर आग को पूरी तरह बुझाया, लेकिन फायर विभाग को भी सोसाइटी के फायर सिस्टम से काफी मदद मिली, क्योंकि कई जगह फायर ब्रिगेड के पाइप नहीं पहुंच पा रहे थे.
सूचना मिलते ही पूरी सोसाइटी का पानी आग बुझाने में लगा दिया गया. यहां तक की ड्रेनेज का पानी भी इस्तेमाल किया गया और सभी फ्लैट्स का पानी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, ताकि आग पर जल्द काबू पाया जा सके. उन्होंने बताया कि सोसाइटी के फायर सिस्टम ने इस पूरी घटना में अहम भूमिका निभाई. साथ ही गाजियाबाद की अन्य सोसाइटी के आरडब्ल्यूए से अपील की कि अपने यहां फायर सिस्टम की नियमित जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत अपडेट करें इसके अलावा लिफ्ट की भी समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है.
गाजियाबाद के चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल ने बताया कि सोसाइटी में सभी फायर फाइटिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे थे और शुरुआती समय में इन्हीं सिस्टम की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया. जहां फायर ब्रिगेड के पाइप नहीं पहुंच पा रहे थे, वहां सोसाइटी के फायर सिस्टम ने आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि गाजियाबाद की सभी सोसाइटी को अपने फायर फाइटिंग सिस्टम को हमेशा दुरुस्त रखना चाहिए ताकि किसी भी दुर्घटना के समय समय रहते बचाव किया जा सके. साथ ही यह भी बताया कि फायर विभाग ने कई सोसाइटी के खिलाफ आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के मामले में कोर्ट में वाद दायर किए हैं
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Sandeep Kumar | Senior Assistant Editor, News18 Hindi…
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