छत बंद, एक ही सीढ़ी और कोई एग्जिट नहीं! बिल्डिंग प्लान इतना खराब क‍ि घर ही बन गया 9 लोगों की चिता

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छत बंद, एक ही सीढ़ी और एग्जिट भी नहीं! खराब बिल्डिंग प्लान से घर बन गया श्मशान

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Why Delhi AC Blast Became Death Trap: गहरी नींद में सो रहे लोगों को यह भनक तक नहीं लगी होगी कि वे जिस घर में महफूज सो रहे हैं, वही उनके लिए मौत का जाल बनने वाला है. पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके की एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में तड़के 3:30 से 4:00 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी. यह समय ऐसा था जब ज्यादातर निवासी गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें आग से बचने या कोई भी प्रतिक्रिया देने का मौका ही नहीं मिला.

कैसे खराब बिल्डिंग प्लानिंग ने ले ली 9 लोगों की जान. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में एक रिहायशी इमारत में भयंकर आग लगने और एक मासूम सहित 9 लोगों की दर्दनाक मौत ने बिल्डिंग प्लानिंग पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. AC में ब्लास्ट या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण लगी थी. लेकिन लोगों की जान आग से ज्यादा इमारत की बनावट और बेकार प्लानिंग ने ले ली. बिल्डिंग में आग लगने के बाद जब लोग जान बचाने के लिए भागे, तो छत का दरवाजा लॉक था, एक ही सीढ़ी होने की वजह से उस पर अफरा तफरी मच गई और साथ ही खिड़कियों पर लगे लोहे की ग्रिल भी किसी न किसी तरह इन मौत के लिए जिम्मेदार थे.

कैसे ‘मौत का जाल’ बन गई यह इमारत?

इस अग्निकांड ने रिहायशी इमारतों की सुरक्षा पर बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो बेहद डरावनी हैं:

  • बंद रास्ते: इमारत में केवल एक ही सीढ़ी थी और कोई आपातकालीन निकास (Emergency Exit) मौजूद नहीं था.
  • छत पर जड़ा ताला: आग लगने पर ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों ने छत की तरफ भागने की कोशिश की, लेकिन छत पर जाने वाले दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ था.
  • खिड़कियों पर ग्रिल: छत का दरवाजा बंद मिलने पर लोगों ने खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन मजबूत लोहे की ग्रिल ने उनका यह रास्ता भी हमेशा के लिए बंद कर दिया.

पुलिस और बचाव कार्य

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. इस दौरान 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और 2 से 3 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. हालांकि, इस भीषण हादसे में एक छोटे बच्चे समेत 9 लोगों की दुखद मौत हो गई.

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंद रास्तों और लॉक किए गए दरवाजों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और रेस्क्यू में देरी हुई. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इमारतों में आपातकालीन निकास न होना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है. मामले की सटीक वजह (एसी ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट) की जांच की जा रही है.

विवेक विहार अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई है?
इस दर्दनाक हादसे में एक छोटे बच्चे (toddler) सहित कुल 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 से 15 लोगों को रेस्क्यू किया गया है.

इस भयंकर आग के लगने का शुरुआती कारण क्या बताया जा रहा है?
प्राथमिक जांच के अनुसार, आग लगने का कारण किसी एयर कंडीशनर (AC) में ब्लास्ट होना या बिजली का शॉर्ट सर्किट (इलेक्ट्रिकल फॉल्ट) माना जा रहा है. मामले की जांच अभी जारी है.

4 मंजिला यह बिल्डिंग निवासियों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ कैसे साबित हुई?
बिल्डिंग में आग से बचने का कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था. वहां केवल एक ही सीढ़ी थी. सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि भागने का संभावित रास्ता यानी ‘छत का दरवाजा’ लॉक था और खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगी थी, जिसके कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए.

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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें

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