बिग्रेडियर और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट, मूकदर्शक बन देखती रही पुलिस, बढ़ा बवाल तो नपे इंस्‍पेक्‍टर

होमताजा खबरDelhi

बिग्रेडियर और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट, मूकदर्शक बन देखती रही पुलिस

Last Updated:

ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर हमला करने के आरोप में दिल्‍ली पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्‍ट किया है. साथ ही, इस मामले में लापरवाही बरतने वाले एक इंस्‍पेक्‍टर को पुलिस लाइंस भेज दिया है.

दिल्‍ली पुलिस ने ब्रिगेडियर पर हमले के मामले दो आरोपियों को अरेस्‍ट किया है. (फाइल फोटो)

Crime News: भारतीय सेना के ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों की पहचान 49 साल के सतेंद्र और 56 साल के संजय शर्मा के तौर पर हुई है. आरोपी सतेंद्र चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं. यह कंपनी चार्टर्ड और कार्गो ऑपरेशन समेत फ्लाइट सर्विस देती है. इसके अलावा, एयरपोर्ट के पार्ट्स का भी कारोबार कतरी है. वहीं, दूसरा आरोपी संजय शर्मा मेहरम नगर इलाके में ‘पंडित जी ढाबा’ चलाता है. पुलिस ने इनके कब्‍जे से मर्सिडीज कार भी जब्‍त कर ली है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी सतेंद्र चौधरी और संजय शर्मा ब्रिेगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा के घर के बाहर मर्सिडीज कार में शराब पी रहे थे. इसी बीच ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा अपने बेटे तेजस अरोड़ा के साथ टहलने के लिए घर से बाहर निकले. कार में दो लोगों को शराब पीता देख उन्‍होंने अपनी आपत्ति जाहिर की. उन्‍होंने दोनों आरोपियों से वहां से जाने के लिए कहा. लेकिन दोनों आरोपी वहां से जाने के बजाय ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह को धमकाने लगे. इसके बाद, बिग्रेडियर परमिंदर ने पुलिस को कॉल कर इसकी शिकायत की. पुलिस मौके पर पहुंची जरूर, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की.

इसके कुछ ही देर बाद, दोनों आरोपियों ने करीब सात-आठ लोग मौके पर बुला लिए. पुलिस की मौजूदगी में इन लोगों ने ब्रिगेडियर परमिंदर और उनके बेटे तेजस अरोड़ा को पीटना शुरू कर दिया. आरोप है कि इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही. वहीं, इस मामले में पर अब पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद बिग्रेडियर परमिंदर की पत्नी की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआई दर्ज कर कार्रवाई की गई है.

आरोपियों के खिलाफ धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 191(2) (दंगा करना), और 190 (गैर-कानूनी जमावड़ा) के तहत एक मामला दर्ज किया गया है. दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक इंस्‍पेक्‍टर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. उसे डिस्ट्रिक्ट लाइन्स भेज दिया गया है. वहीं, इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी मंगलवार को चिंता जहिर की है.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *