गाजियाबाद गौर ग्रीन एवेन्यू में भीषण आग, नौंवी मंजिल के फ्लैट डी-943 में क्या बन रहा था? रहस्य बन गया चर्चा का केंद्र, जाने

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Ghaziabad fire accident: गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे टावर-डी की 9वीं मंजिल पर भीषण आग लग गई, जिसे शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट का परिणाम माना जा रहा है. जो चर्चा का विषय बन गई. आग तेजी से फैलते हुए 9वीं से 12वीं मंजिल तक पहुंच गई और कुल 8 फ्लैट इसकी चपेट में आ गए.

गाजियाबाद के फ्लैट में लगी आगा की सांकेतिक तस्वीर

गाजियाबादः गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे टावर-डी की 9वीं मंजिल पर भीषण आग लग गई, जिसे शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट का परिणाम माना जा रहा है. जो चर्चा का विषय बन गई. आग तेजी से फैलते हुए 9वीं से 12वीं मंजिल तक पहुंच गई और कुल 8 फ्लैट इसकी चपेट में आ गए.

चर्चा में आ गया ये फ्लैट

आग की चपेट में आए 8 फ्लैट में नौवीं मंजिल का फ्लैट अपनी नक्काशी और कलाकृति के चलते चर्चा में आ गया. जहां सजाने के लिए पुरानी और बेहद कीमती समान लाया गया था. सोशायटी के लोगों के मन में इसको लेकर सवाला आता है कि फ्लैट के मालिक कमल पालीवाल क्या इसे मंंदिर या महल बनाना चाहते थे. वहीं इस फ्लैट डी-943 में पांच साल से मेंटेन करने का काम चल रहा है. जानकारी के मुताबिक कमल पालीवाल ग्वालियर के राजा मानसिंह के परिवार से हैं. जो अपनी सारी जमा पूंजी अपने प्लैट में लगा दी थी. फ्लैट के फर्श में मंहगे कांच भी लगाए गए थे. पड़ोसी यहां कई बार निर्माण कार्य होते हुए भी देखे थे.

आग की लपटों में कई फ्लैट जलकर हुए खाक

घटना में कई फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जिनमें 12वीं मंजिल पर रहने वाले सुनील का करीब 2.5 करोड़ रुपये का फ्लैट भी शामिल है, जबकि लाखों का घरेलू सामान जल गया और कई अन्य फ्लैट धुएं से प्रभावित हुए. हालांकि समय रहते करीब 450 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई. मौके पर पहुंची 17 दमकल गाड़ियों और हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया. इस दौरान निवासी अजय शर्मा ने फायर सिस्टम का कांच तोड़कर आग बुझाने में मदद की और ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद बुजुर्ग मोहम्मद अय्यूब की जान बचाई, हालांकि वे खुद घायल हो गए.

2 किलोमीटर दूर से दिख रही थी आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 9वीं मंजिल पर रहने वाली रुचि शर्मा ने बताया कि दरवाजा खोलते ही आग की लपटें सामने आ गईं और करीब 45 मिनट बाद उन्हें परिवार समेत बाहर निकाला गया, जबकि अशोक कुमार वर्मा का 18 साल पुराना घर पूरी तरह जल गया. घटना के बाद 8 परिवार बेघर हो गए हैं और अस्थायी रूप से रिश्तेदारों या खाली फ्लैटों में रह रहे हैं. निवासियों ने बिल्डर पर फायर सेफ्टी में लापरवाही का आरोप लगाया है. मामले का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्य की निगरानी के निर्देश दिए हैं. आग का धुआं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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