Government School News: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों एक अलग ही हलचल देखने को मिल रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए औचक निरीक्षण का मोर्चा संभाला. रूपनगर नंबर-4 स्थित राजकीय सर्वोदय विद्यालय पहुंचीं मुख्यमंत्री का अंदाज बिल्कुल अलग था. वे प्रोटोकॉल छोड़ सीधे कक्षा के भीतर दाखिल हुईं और टीचर की डेस्क पर जा बैठीं. इसके बाद उन्होंने बच्चों से जो सवाल किए और जो जवाब उन्हें मिले, उसने दिल्ली के शिक्षा मॉडल की कई परतों को उधेड़ कर रख दिया.
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र पहले तो थोड़ा हिचकिचाए, लेकिन सीएम के सहज व्यवहार ने उन्हें बोलने का साहस दिया. रेखा गुप्ता ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में पूछा. बच्चों ने बताया कि स्कूल में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत है. छात्रों ने शिकायत की कि स्कूल के वाटर कूलर और RO सिस्टम लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में नल का सीधा पानी पीना पड़ता है.
दिल्ली के सरकारी स्कूल में पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता.
बदहाल स्थिति देख गुस्से में सीएम
यही नहीं, बच्चों ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्कूल के शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय है. कई टॉयलेट के दरवाजे टूटे हुए हैं और सफाई न होने के कारण वहां से भयंकर बदबू आती है. छात्रों ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी भड़कीं
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री तब और नाराज हो गईं जब उन्होंने पाया कि स्कूल का फायर सेफ्टी सिस्टम (अग्निशमन प्रणाली) पूरी तरह बंद पड़ा था. बच्चों की सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ देख उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की जिंदगी से जुड़ी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सीएम रेखा गुप्ता ने बच्चों से पूछे सवाल.
पूरे दिल्ली के स्कूलों का होगा ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’
बच्चों की शिकायतें सुनने और अव्यवस्थाओं को अपनी आंखों से देखने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तुरंत एक तगड़ा आदेश जारी किया. उन्होंने दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों का व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का निर्देश दिया है.
इस ऑडिट के मुख्य बिंदु होंगे:
इमारतों की मजबूती: दिल्ली के करीब 700 स्कूल ऐसे हैं जिनकी इमारतें 40 से 50 साल पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं.
- बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी, RO सिस्टम और वाटर कूलरों की स्थिति की जांच.
- स्वच्छता: शौचालयों की मरम्मत और नियमित सफाई सुनिश्चित करना.
- सुरक्षा: सभी स्कूलों में फायर सेफ्टी सिस्टम को क्रियाशील बनाना.
विज्ञापनों वाले मॉडल पर साधा निशाना
निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के शिक्षा मॉडल पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘शिक्षा मॉडल का प्रचार तो विज्ञापनों में खूब हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गईं. जर्जर इमारतें और खराब RO सिस्टम गवाही दे रहे हैं कि केवल फोटो खिंचवाने से सुधार नहीं आता. हमारी सरकार दिखावे के बजाय परिणाम आधारित सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है.’
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के शिक्षा मॉडल पर जमकर हमले बोले.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किस स्कूल का औचक निरीक्षण किया?
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के रूपनगर नंबर-4 स्थित राजकीय सर्वोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री से क्या शिकायतें कीं?
छात्रों ने खराब RO सिस्टम और वाटर कूलर, जर्जर शौचालयों (टूटे दरवाजे), गंदगी और शिक्षकों की कमी की शिकायत की.
मुख्यमंत्री ने कौन सा बड़ा आदेश जारी किया है?
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों का व्यापक ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ कराने का सख्त निर्देश दिया है.
दिल्ली में कितने सरकारी स्कूलों को पुनर्विकास की आवश्यकता है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 700 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनकी इमारतें 40-50 साल पुरानी हैं और उन्हें नए भवन या बड़े स्तर पर पुनर्विकास की जरूरत है.
फायर सेफ्टी को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या पाया?
निरीक्षण के दौरान स्कूल का फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह से बंद पाया गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई.
