केजरीवाल ने सरकार से पूछा- ऐसे कठोर कदम उठाने की जरूरत क्‍यों पड़ी?

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केजरीवाल ने सरकार से पूछा- ऐसे कठोर कदम उठाने की जरूरत क्‍यों पड़ी?

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दिल्‍ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अ‍रविंद केजरीवाल ने सरकार की अपील पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोना कम खरीदने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और तेल की बचत जैसे सात कदम उठाने की बात कही है.

कहा-पहले इस तरह के कठोर कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ी.

नई दिल्‍ली. दिल्‍ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अ‍रविंद केजरीवाल ने सरकार की अपील पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोना कम खरीदने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और तेल की बचत जैसे सात कदम उठाने की बात कही है. इससे साफ संकेत मिलता है कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है.

केजरीवाल ने कहा कि आजादी के बाद से भारत कई बड़े संकटों और युद्धों का सामना कर चुका है, लेकिन पहले कभी किसी प्रधानमंत्री को इस तरह जनता से कठोर कदम उठाने की अपील नहीं करनी पड़ी. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों लाल बहादुर शास्‍त्री और इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी कठिन समय में लोगों से सहयोग मांगा था, लेकिन इस तरह की अपील कभी नहीं की. आप नेता ने प्रधानमंत्री से तीन बड़े सवाल पूछे. पहला, अगर जनता से इतने कठोर कदम उठाने को कहा जा रहा है, तो सरकार देश को साफ-साफ बताए कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है और देश किस हालात में खड़ा है.

दूसरा, केजरीवाल ने कहा कि सरकार का कहना है कि यह संकट पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-इराक जैसे अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से पैदा हुआ है. लेकिन दुनिया के दूसरे देशों में ऐसी अपील देखने को नहीं मिलीं. ऐसे में भारत में इतनी सख्ती की जरूरत क्यों पड़ी, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए.
तीसरा, उन्होंने सवाल उठाया कि इस संकट का बोझ सिर्फ मिडिल क्लास पर ही क्यों डाला जा रहा है. केजरीवाल ने कहा कि सबसे पहले सरकार को खुद अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए थी. प्रधानमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को उदाहरण पेश करना चाहिए.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

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