रसूख-रुतबे का दूसरा नाम था जिमखाना क्‍लब, बंद होने वाली है यहां रसूकदारों की मौज, इस काम के लिए होगा इस्‍तेमाल!

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रसूख-रुतबे का दूसरा नाम था ‘जिमखाना’, बंद होने वाली है यहां रसूकदारों की मौज!

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दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और रसूखदार क्लबों में शामिल दिल्ली जिमखाना क्लब अब सरकार के नियंत्रण में जाने वाला है. केंद्र सरकार ने 27.3 एकड़ में फैले इस वीवीआईपी परिसर को खाली कराने का आदेश जारी कर दिया है. सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस जमीन का इस्तेमाल रक्षा बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा. क्लब की लीज डीड तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है और 5 जून को पूरे परिसर का कब्जा लेने की तैयारी है. इस फैसले से सत्ता गलियारों और क्लब सदस्यों में हलचल मच गई है.

दिल्ली जिमखाना क्लब का अंत तय: लुटियंस दिल्ली के सबसे रसूखदार और ऐतिहासिक क्लबों में शामिल दिल्ली जिमखाना क्लब अब सरकार के नियंत्रण में जाने वाला है. 27.3 एकड़ में फैले इस वीवीआईपी परिसर को खाली कराने का आदेश जारी कर दिया गया है.
रक्षा बुनियादी ढांचे का हवाला: सरकार ने साफ किया है कि क्लब की जमीन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा. माना जा रहा है कि यहां भविष्य में संवेदनशील सरकारी और रक्षा परियोजनाएं विकसित हो सकती हैं.
लीज डीड तत्काल प्रभाव से रद्द: केंद्रीय एजेंसी ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली जिमखाना क्लब की लीज डीड तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी है. इसके बाद क्लब प्रबंधन के सामने परिसर खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
इमारतों और बुनियादी ढांचे पर कब्जा: सरकार 5 जून को पूरे परिसर का कब्जा लेने की तैयारी में है. इसमें क्लब की ऐतिहासिक इमारतें, आलीशान हॉल, खेल परिसर, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं भी राष्ट्रपति के अधीन चली जाएंगी.
जबरन कार्रवाई की चेतावनी: सरकार ने क्लब प्रबंधन को शांतिपूर्ण तरीके से जमीन सौंपने के निर्देश दिए हैं. आदेश में साफ कहा गया है कि किसी तरह की रुकावट पैदा होने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई और बल प्रयोग भी किया जा सकता है.
महंगी मेंबरशिप, सालों की वेटिंग: दिल्ली जिमखाना क्लब की सदस्यता हमेशा रसूख और प्रतिष्ठा की पहचान मानी जाती थी. कॉर्पोरेट मेंबरशिप के लिए 20 लाख रुपये तक खर्च करने के बावजूद लोगों को कई-कई साल वेटिंग लिस्ट में इंतजार करना पड़ता था.
क्यों लेना पड़ा इतना सख्त फैसला: प्रधानमंत्री आवास के बेहद करीब स्थित होने और लगातार बढ़ती सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों को अब किसी भी रसूखदार लॉबी से ऊपर रखा गया है.
अद्भुत विरासत और शानदार सुविधाएं: ब्रिटिश दौर की भव्य वास्तुकला, आलीशान कमरे, विशाल लॉन, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और क्लासिक क्लब संस्कृति ने दिल्ली जिमखाना क्लब को देश के सबसे खास और प्रतिष्ठित ठिकानों में शामिल किया हुआ था.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें

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