आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला. नीट पेपर लीक को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने खास तौर पर देश के ‘जेन Z’ यानी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर अब भी युवा आवाज नहीं उठाएंगे तो पेपर लीक का सिलसिला कभी नहीं रुकेगा.
CBI पर भरोसा बचा है क्या?
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि CBI में काबिल अफसर जरूर हैं, लेकिन एजेंसी उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो पेपर लीक कराने वालों को बचाते हैं. उन्होंने दावा किया कि 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं और इनमें से ज्यादातर उन राज्यों में हुए जहां बीजेपी की सरकार है.
केजरीवाल ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का नाम लेते हुए कहा कि इन राज्यों में बार-बार पेपर लीक होना महज संयोग नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, ‘इस बार भी राजस्थान से मामला सामने आया और वहां बीजेपी की सरकार है. इससे शक होता है कि क्या इनके नेता भी इसमें शामिल हैं? अगर ऐसा है तो सरकार निष्पक्ष कार्रवाई कैसे करेगी?’
नेपाल-बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन का जिक्र
युवाओं से सीधा संवाद करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन Z सड़कों पर उतरकर सरकार बदल सकता है तो भारत का जेन Z पेपर लीक कराने वालों को जेल क्यों नहीं भेज सकता?’ हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह युवाओं को उकसा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वह केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की बात कर रहे हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत हर नागरिक का अधिकार है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने विदेश नीति और रूस से तेल-गैस खरीद के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि रूस से गैस लेकर आ रहे एक जहाज को भारत सरकार ने रोक दिया. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में रूस से तेल और गैस खरीदने से पीछे हट रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर मोदी जी व्यक्तिगत दबाव झेलने की क्षमता नहीं रखते तो इस्तीफा दे देना चाहिए. ट्रंप के सामने जवाब देने वाले बहादुर लोग इस देश में मौजूद हैं.’ केजरीवाल ने केंद्र सरकार से रूस से तेल और गैस खरीद फिर शुरू करने की मांग भी की.
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में पहले से ही छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी है. ऐसे समय में केजरीवाल का यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है.
