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Delhi Government WFH: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को ऐलान किया कि हर हफ्ते 2 दिन वर्क फ़्रॉम होम लागू होगा. कॉलेज और स्कूलों को भी ऑनलाइन मोड में चलाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई, लेकिन शर्तों के साथ. अब लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि किनका वर्क फ्रॉम होम होगा? क्या कार से दफ्तर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है? मंडे मेट्रो क्या चीज है. हम कुछ सवालों के जवाब लेकर आए हैं, जो आपके भी मन में उठ रहा होगा. ये सवाल बिलकुल ही आम पाठक की तरह हैं.
दिल्ली सरकार के वर्क फ्रॉम होम वाले एडवाइजरी के बारे में आप क्या जानते हैं.?
Delhi WFH News: दिल्ली सरकार की ओर से गुरुवार को फ्यूल और ऊर्जा की बचत के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए इनकी घोषणा की. उन्होंने हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम, मेट्रो मंडे, दिल्ली सरकार के मंत्रियों की विदेश यात्राओं और सेमिनार, स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई और असाइनमेंट्स को लेकर कई बड़े फैसले लिए. सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि उनकी सरकार वे तमाम कदम उठा रही है, जिससे देश में ईंधन और ऊर्जा की बचत हो सके. हालांकि, इन घोषणाओं में कई सवालों के जवाब अधूरे रह गए हैं या इस घोषणा से संबंधित सवाल आम लोगों के मन में उठ रहे हैं. जैसे कि- क्या सभी (सरकारी और प्राइवेट) के लिए वर्क फ्रॉम होम हो गया है? क्या नो व्हीकल डे वाले दिन कार बाहर निकालने पर चालान लगेगा? मेट्रो-मंडे को क्या होगा?
1. प्राइवेट सेक्टर के लोगों को भी हफ्ते में दो दिन का वर्क फ्रॉम होम मिलेगा?
सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को भी हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ देने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. हालांकि, इसे लागू करना या न करना पूरी तरह से प्राइवेट कंपनियों के प्रबंधन और उनकी अपनी नीतियों पर ही निर्भर करेगा.
2. केवल सरकारी या प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी को अपनी गाड़ी के बजाए पब्लिक ट्रांस्पोर्ट का प्रयोग करना होगा?
सरकार ने ईंधन बचाने के लिए सभी लोगों (सरकारी और प्राइवेट) से निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की है. हालांकि, भत्ते (TA) में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का लाभ केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा.
3. अगर कोई शख्स नो व्हीकल डे वाले दिन अपनी गाड़ी से ऑफिस जाता हुआ पकड़ा जाता है तो क्या होगा?
’नो व्हीकल डे’ मनाने के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से जनता से केवल एक अपील की गई है, इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं बनाया गया है. इसलिए, अपनी गाड़ी से जाने पर फिलहाल किसी भी तरह के जुर्माने या सजा का कोई प्रावधान नहीं है.
#WATCH | Delhi: At a press conference, CM Rekha Gupta says, “… Our departments have already cut down on fuel expenses with only the minimum vehicles needed being used, and public transport is being used wherever possible. Officials’ petrol limits of 200–250 litres per month… pic.twitter.com/3EMFuzrh6D
