पुलिस को देखते ही लगा दी दौड़, पर फंस गया फंदे में, फिर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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पुलिस को देखते ही लगा दी दौड़, पर फंस गया फंदे में, फिर चौंकाने वाला खुलासा

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Delhi News: पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद सट्टेबाजी का धंधा लगातार फलफूल रहा है. दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल टीम ने ऐसे ही एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है.

दिल्‍ली पुलिस ने आईपीएल में सट्टेबाजी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है.

नई दिल्ली. पूर्वी जिला पुलिस के ऑटो एंटी थेप्‍ट स्‍क्‍वॉड (एएटीएस) ने दिल्ली के मधु विहार इलाके से ऑपरेट हो रहे एक ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल मैच के दौरान कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों की पहचान मधु विहार निवासी मनीष जैन (50), जगतपुरी निवासी अभिषेक जैन (26) और मंडावली ऊंचे पार निवासी अर्पित गुप्ता (40) के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि मनीष जैन कथित तौर पर अपने घर से सट्टेबाजी का रैकेट चला रहा था, जबकि अन्य दो आरोपी इस काम में उसकी मदद कर रहे थे.

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई आईपीएल मैचों के दौरान अवैध सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा था. पुलिस को आईपीएल मैचों के दौरान अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों के बारे में विशिष्ट सूचना मिलने के बाद 23 मई को शाम लगभग 6 बजे मधु विहार स्थित परिसर पर छापा मारा. परिसर की ऊपरी मंजिल पर पहुंचने पर ड्राइंग रूम में तीन व्यक्ति लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और हाथ से लिखे सट्टेबाजी के रिकॉर्ड के साथ बैठे पाए गए.

पुलिस ने ऐसे पकड़ा

पुलिस ने आगे बताया कि आईपीएल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग टैबलेट पर चल रही थी और आरोपी कथित तौर पर फोन कॉल के माध्यम से सट्टेबाजों के साथ सट्टेबाजी की गतिविधियों का कोऑर्डिनेट कर रहे थे. पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, दो सैमसंग टैबलेट, नौ मोबाइल फोन, हाथ से लिखी सट्टेबाजी प्रविष्टियों वाली एक नोटबुक और सट्टेबाजी से संबंधित अन्य रिकॉर्ड बरामद किए.

ऐसे चला रहे थे रैकेट

अधिकारियों ने आगे बताया कि आरोपी कथित तौर पर लाइव सट्टेबाजी की संभावनाओं की निगरानी करने और सट्टेबाजी खाते बनाए रखने के लिए ‘स्काई लाइव प्रो’, ‘डेटा कैलकुलेशन वर 1.0’ और ‘स्काईएक्सच’ सहित सट्टेबाजी एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे. पुलिस ने पाया कि आरोपी सट्टेबाजी की दरों पर बातचीत करने, दांव स्वीकार करने और सट्टेबाजी लेनदेन के रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए लैपटॉप, टैबलेट और कई मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि व्यापक नेटवर्क का पता लगाने, वित्तीय लेन-देन की जांच करने और ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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