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India Gate Security Guard : इंडिया गेट तो आप सभी कई बार घूमने गए होंगे. अक्सर घूमते हुए आपकी नजर पड़ी होगी उन सुरक्षा कर्मियों पर जो इंडिया गेट की दिन-रात रखवाली करते हैं. यह पूरी तरह से काली ड्रेस और काले चश्मे में होते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की ये सुरक्षा कर्मी कौन होते हैं. क्या इनकी तैनाती सरकार की ओर से की जाती है या किसी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए. आइये जानते हैं इनके बारे में.
इंडिया गेट पर चारों ओर कड़ी सुरक्षा का पहरा होता है, ताकि इंडिया गेट जो दिल्ली की आन बान शान है. दिल्ली की पहचान है, उसे कोई भी नुकसान न पहुंच पाए. इंडिया गेट की सुरक्षा के लिए कई तरह के सुरक्षाकर्मी आपको वहां पर नजर आएंगे, जिसमें दिल्ली पुलिस और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के साथ-साथ प्राइवेट सिक्योरिटी भी मौजूद होती है, लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा ब्लैक ड्रेस और काले चश्मे में खड़े हुए सुरक्षाकर्मी बेहद खतरनाक होते हैं.
काली ड्रेस और काले चश्मा में खड़े हुए लंबे 6 फीट के बॉडी बिल्डर देखकर अक्सर लोग डर जाते हैं. काली ड्रेस में खड़े हुए सुरक्षाकर्मी कौन होते हैं, आज तक किसी को नहीं पता, लेकिन काली ड्रेस और काले चश्मे में खड़े हुए यह सुरक्षाकर्मी अक्सर आपको पेड़ के नीचे खड़े मिल जाएंगे. जो छुप कर सब पर निगाहें रखते हैं. गले में उनके आईडी कार्ड होता है.
जैसे ही कोई इंडिया गेट के पास मौजूद हरे भरे पार्क और यहां के फूलों को नुकसान पहुंचता है या लड़ाई झगड़ा करता है या किसी लड़की को छेड़ता है तो अक्सर यह सुरक्षाकर्मी उसे पकड़ के ले जाते हैं. कई बार यह सुरक्षाकर्मी आपको इंडिया गेट के बेसमेंट से होकर जाने वाले रास्ते पर भी खड़े नजर आ जाएंगे जो चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर जाने देते हैं.
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अक्सर इस काली ड्रेस और काले चश्मे में खड़े हुए सुरक्षा कर्मियों को देखकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर ये कौन है तो आपको बता दें कि काली ड्रेस और काले चश्मे में खड़े हुए 6 फीट के यह बॉडी बिल्डर कोई और नहीं बल्कि हमारे देश की इंडियन आर्मी के पूर्व सैनिक होते हैं या इंडियन आर्मी के विभिन्न पदों पर काम कर चुके जवान ही यहां पर काली ड्रेस और काले चश्मे में तैनात किए जाते हैं.
यहां के एक सुरक्षा कर्मी जिन्होंने काली ड्रेस और काला चश्मा पहन रखा था, उनसे बात करने पर उन्होंने बताया कि यह मौजूद काली ड्रेस और काले चश्मा में जितने भी सुरक्षा कर्मी हैं, वो सभी इंडियन आर्मी के पूर्व सर्विसमैन हैं. जो रिटायरमेंट के बाद यहां तैनात किए जाते हैं, लेकिन इनकी तैनाती सीधे तौर पर नहीं होती है. बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए काम करने वाली सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए उन्हें यहां तैनात किया जाता है और वेतन भी उनकी ओर से ही दिया जाता है.
उन्होंने बताया कि अक्सर लोगों को लगता है कि हम लोग दिल्ली पुलिस से हैं. कोई कहता है स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप है और कोई हमें अक्सर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड या कमांडो समझता है, लेकिन ऐसा नहीं है. यहां जितने भी काली ड्रेस में खड़े हुए सुरक्षा कर्मी हैं वो सब कहीं ना कहीं इंडियन आर्मी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और इसके बाद ही उन्हें यहां पर तैनाती दी जाती है.
