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Ghaziabad News: तेलंगाना पुलिस ने पाकिस्तान की ISI और आतंकी संगठनों के लिए काम करने वाले जैद खान को गिरफ्तार किया है. जैद गाजियाबाद के लोनी इलाके का रहने वाला है. आरोप है कि उसने यूपी के कई मंत्रियों के मोबाइल नंबर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजे थे. वहीं जैद के पिता ने कहा कि उन्हें कुछ भी पता नहीं है कि वो इस चक्कर में कैसे फंस गया.
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले जैद खान के पिता ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
गाजियाबाद. ‘रील’ बनाने का शौक… हथियारों का जुनून… सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज पाने की चाह… और फिर बन बैठा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI और आतंकियों का मोहरा. ये कहानी है गाजियाबाद के एक 22 साल के युवक जैद खान की. आरोप है कि गाजियाबाद के लोनी इलाके के रूप नगर का रहने वाला जैद खान यूपी के मंत्रियों और नेताओं के मोबाइल नंबर जुटाकर पाकिस्तान भेज रहा था. तेलंगाना पुलिस की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है.
हैदराबाद की मेडचल पुलिस ने 25 मई को 22 वर्षीय जैद खान उर्फ आदिला खान को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में था. पुलिस के मुताबिक जैद ने इंटरनेट के जरिए यूपी के कई कैबिनेट मंत्रियों और नेताओं के मोबाइल नंबर खोजकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजे.
सिर्फ चौथी पास है जैद
गाजियाबाद का रहने वाला जैद सिर्फ चौथी क्लास तक पढ़ा है. साल 2021 में वह कोलकाता गया और कपड़ा व्यापारी के यहां काम किया. बाद में गाजियाबाद लौटकर बैग हाउस में नौकरी करने लगा. इसी साल फरवरी में वह हैदराबाद पहुंचा, जहां अपने चचेरे भाई की मदद से एक रेस्टोरेंट में वेटर की नौकरी करने लगा.
रील और बदूकों का शौक
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जैद सोशल मीडिया पर खिलौना बंदूकों के साथ रील बनाता था. इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट पर ज्यादा व्यूज पाने के लिए वह हथियारों वाली वीडियो पोस्ट करता था. इसी दौरान उसने गूगल पर असली हथियारों की जानकारी तलाशनी शुरू की. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी दौरान उसकी पहचान ‘आबिद’ और ‘राणा हुसैन’ नाम के लोगों से हुई. दोनों कथित तौर पर पाकिस्तानी गैंग और ISI समर्थित नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं. आरोप है कि इन्हीं लोगों ने जैद को कई टास्क दिए.
मिले थे ये टास्क
अप्रैल में जैद ने प्रयागराज के एक व्यक्ति की लोकेशन शेयर की. इसके बाद गाजियाबाद में ‘पाकिस्तानी डॉन आबिद’ के पोस्टर लगाने का काम सौंपा गया. बदले में उसे पिस्तौल देने का लालच दिया गया था. सबसे चौंकाने वाला खुलासा 20 तारीख को हुआ… जब जैद को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीए का नंबर निकालने का टास्क मिला. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने इंटरनेट पर सर्च कर यूपी के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के नंबर जुटाए और उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेज दिया.
इस्लाम के लिए लड़ने की बात
जांच में यह भी सामने आया कि जैद व्हाट्सएप चैनलों और कट्टरपंथी सोशल मीडिया ग्रुप्स से जुड़ा था. पुलिस का दावा है कि वह लगातार हथियार मांग रहा था और “इस्लाम के लिए लड़ने” जैसी बातें कर रहा था. जैद खान का परिवार लोनी के रूप नगर में रहता है. जैद खान के पिता दिलीप खान ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि उन्हें सिर्फ तेलंगाना से फोन आया था. उन्होंने बताया कि आपके लड़के को गिरफ्तार किया है. मैं गरीब हूं, मुझे कुछ नहीं पता. लोनी में किराये के मकान में 15 साल से में रह रहा हूं. वह तो जाहिल है. पढ़ा लिखा है नहीं, वो कैसे फंस गया इस चक्कर में. यूपी के मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि उसे माफ कर दो. वह कुछ महीने पहले गया था. पता नहीं कैसे वो चक्कर में पड़ गया. मेरे पास पैसे नहीं है उसके पास जाने के लिए.
जांच में जुटीं एजेंसियां
फिलहाल तेलंगाना पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं. यूपी पुलिस भी इस मामले में जांच कर सकती है. सवाल ये है कि सोशल मीडिया और हथियारों के आकर्षण ने आखिर कैसे एक युवक को देश विरोधी नेटवर्क तक पहुंचा दिया.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
