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पंजाब के मंत्रिमंडल ने राज्य में दशकों पुरानी संविदा एवं आउटसोर्स रोजगार व्यवस्था को समाप्त करने की रूपरेखा को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही 51 सरकारी विभागों में कार्यरत 65,000 से अधिक कर्मचारियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है. सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के मंत्रिमंडल ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य में संविदा व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया है.
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली/चंडीगढ़. पंजाब में ठेकेदारी प्रथा खत्म कर कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने का भगवंत मान सरकार के फैसले का आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत तमाम नेताओं ने स्वागत किया है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ठेके की नौकरी को पक्का करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. ठेकेदारी प्रथा खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. पंजाब में भगवंत मान सरकार ने 65 हजार से अधिक संविदा कर्मियों की नौकरी पक्की कर एतिहासिक काम किया है. ये सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि इन परिवारों की नई ज़िंदगी की शुरुआत है, जहां इन्हें पूरा हक और सम्मान मिलेगा.
भगवंत मान सरकार के फैसले पर अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म करते हुए 65,000 कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारी पक्के करने का निर्णय किया है. ये फैसला ऐतिहासिक है और देश में पहली बार लिया गया है. ये सिर्फ एक फैसला नहीं, बल्कि इन सभी परिवारों की नई ज़िंदगी की शुरुआत है, जहां इन्हें पूरा हक और सम्मान मिलेगा. मैं सभी कर्मचारियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. भगवंत मान साहब को भी ये ऐतिहासिक निर्णय लेने के लिए बधाई देता हूं.
उधर, सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि शनिवार को पंजाब के कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. कैबिनेट की बैठक में 65,000 से अधिक आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और संविदा सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म करने की मंजूरी दी गई है. अब कोई बिचौलिए या ठेकेदार नहीं होंगे, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी सीधे सरकार द्वारा नियोजित होगा. सरकार इन कर्मचारियों को बैंक खाते में सैलरी, पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी समेत सभी सुविधाएं देगी.
उन्होंने कहा कि अग्निशामक, सीवर कर्मचारी और लाइनमैन जैसे जोखिम भरे कामों में लगे कर्मचारियों को 5 साल की सेवा के बजाय केवल 3 साल की सेवा के बाद स्थायी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया और महंगाई भत्ते के मुद्दों को हल करने के लिए एक विशेष कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया गया है. इसके अलावा, भ्रष्टाचार के मामलों के शीघ्र निपटान के लिए पंजाब में 7 नए विशेष न्यायालयों के गठन को भी मंजूरी दी गई है. आम जनता और कर्मचारियों के अधिकारों के हनन के दिन अब समाप्त हो गए हैं. ‘आप’ की सरकार पंजाब के हर वर्ग के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
वहीं, आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भगवंत सिंह मान सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 65,000 कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने का पंजाब सरकार का फैसला लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया है. सभी कर्मचारियों को बहुत- बहुत बधाई. भगवंत मान जी को इस ऐतिहासिक और देश में मिसाल कायम करने वाले फैसले के लिए हार्दिक शुभकामनाएं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
