Monsoon in UP : केरल पहुंचा मानसून, अब यूपी की बारी, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और नोएडा में कब तक हो सकती है बारिश की दस्तक

लखनऊ : भीषण गर्मी की मार झेल रहे उत्‍तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्‍छी खबर है. दक्षिण पश्चिम मानसून (South West Monsoon Update) ने 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है. यहां भारी आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है. इस खुशखबरी भरे मौसम अपडेट के साथ ही उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत की निगाहें अब मानसून की अगली चाल पर टिक गई हैं. सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि यूपी में मानूसन कब तक दस्‍तक दे देगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मानसून प्रगति चार्ट के अनुसार यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर मानसून पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले सकता है.

मौसम विभाग के ताजा चार्ट से संकेत मिल रहे हैं कि मानसून इस बार भी बंगाल की खाड़ी की शाखा के जरिए बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा. इसके बाद धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी यूपी की ओर बढ़ेगा. हालांकि ताजा स्थिति समुद्र और वायुमंडल में बनने वाली मौसमी प्रणालियों पर निर्भर करेगी, लेकिन फिलहाल नॉर्मल प्रोग्रेस के आधार पर पूर्वांचल में मानसून की दस्तक जून के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है.

सबसे पहले पूर्वांचल में बरसेंगे मेघ
आईएमडी के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के अनुसार गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी और चंदौली जैसे पूर्वी जिलों में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंच सकता है. इन जिलों में उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं. तेज हवाओं, गरज-चमक और छिटपुट बारिश का दौर शुरू होने के संकेत हैं.

लखनऊ और प्रयागराज को थोड़ा और इंतजार
राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी और फतेहपुर जैसे मध्य यूपी के जिलों में मानसून 20 से 25 जून के बीच पहुंचने का अनुमान है. इस दौरान तापमान में गिरावट आएगी और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना हुआ है. ऐसे में मानसून की पहली बारिश लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है.

पश्चिमी यूपी में जून के आखिर तक पहुंच सकता है मानसून, किसानों को क्‍या उम्‍मीद
मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मथुरा, आगरा, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे पश्चिमी जिलों में मानसून आमतौर पर सबसे बाद में पहुंचता है. मौसम विभाग के चार्ट के मुताबिक इन इलाकों में मानसून 25 जून से 30 जून के बीच दस्तक दे सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मानसूनी हवाओं की गति तेज रही तो पश्चिमी यूपी में मानसून तय समय से कुछ दिन पहले भी पहुंच सकता है. वहीं अगर रास्ते में कोई बाधा बनी तो इसकी रफ्तार धीमी भी पड़ सकती है. मानसून की प्रगति पर सबसे ज्यादा नजर किसानों की है. धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुआई मानसूनी बारिश पर काफी हद तक निर्भर करती है. पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के किसान विशेष रूप से मानसून का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती-किसानी को बड़ा फायदा होगा.

कहां मानसून किस तारीख तक दस्‍तक दे सकता है

  • गोरखपुर, बलिया, वाराणसी : 15-20 जून
  • अयोध्या, प्रयागराज : 20-23 जून
  • लखनऊ, कानपुर : 20-25 जून
  • बरेली, झांसी : 22-26 जून
  • अलीगढ़ : 25-28 जून
  • मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद : 27-30 जून
  • सहारनपुर : जून के अंतिम दिनों से जुलाई की शुरुआत तक

उत्तर प्रदेश में सबसे पहले मानसून किन जिलों में पहुंच सकता है?
आईएमडी के मानसून प्रगति चार्ट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, वाराणसी, गाजीपुर और मऊ जैसे जिलों में मानसून सबसे पहले 15 से 20 जून के बीच दस्तक दे सकता है.

लखनऊ और प्रयागराज में मानसून कब तक पहुंचने की संभावना है?
राजधानी लखनऊ और प्रयागराज में मानसून 20 से 25 जून के बीच पहुंच सकता है. इसके साथ ही कानपुर, अयोध्या, रायबरेली और बाराबंकी में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है.

पश्चिमी यूपी के लोगों को बारिश के लिए कितना इंतजार करना पड़ सकता है?
मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा और सहारनपुर जैसे पश्चिमी जिलों में मानसून 25 जून से 30 जून के बीच पहुंचने का अनुमान है. यानी पूर्वांचल के मुकाबले यहां करीब 10 दिन बाद मानसून सक्रिय हो सकता है.

क्या केरल में देर से पहुंचा मानसून यूपी में भी देरी करा सकता है?
केरल में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन बाद पहुंचा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यूपी में भी उतनी ही देरी होगी. मानसून की आगे की रफ्तार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाली मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी.

किसानों के लिए मानसून की एंट्री क्यों अहम मानी जा रही है?
जून के दूसरे और तीसरे सप्ताह से खरीफ फसलों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. धान, मक्का और अन्य फसलों की बुआई अच्छी बारिश पर निर्भर करती है. ऐसे में समय पर मानसून पहुंचने से किसानों को बड़ी राहत और खेती को फायदा मिलने की उम्मीद है.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *