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अच्छे प्रदर्शन करने वाले छात्रों को GATE परीक्षा दिए बिना IT दिल्ली में M.Tech, MS (Research) और PhD जैसे कोर्स में दाखिले का मौका मिल सकता है. लेकिन इसके लिए छात्रों को तय शैक्षणिक और रिसर्च मानकों को पूरा करना होगा.इससे प्रतिभाशाली छात्रों को जल्दी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और उनका समय भी बचेगा.
नई दिल्ली: देश में इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और छात्रों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. IIT दिल्ली ने देश के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) के साथ साझेदारी की है. इस सहयोग का सीधा लाभ इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा. इससे उन्हें पढ़ाई, रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे. इस पहल की औपचारिक शुरुआत 4 जून को IIT दिल्ली परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई. कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और विभिन्न NIT संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
NIT के छात्रों को मिलेगा IIT दिल्ली में पढ़ने का मौका
नई व्यवस्था के तहत 18 NIT संस्थानों के मेधावी छात्र अपने अंतिम वर्ष में कुछ समय के लिए IIT दिल्ली में अध्ययन कर सकेंगे. यहां उन्हें प्रतिष्ठित प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में पढ़ने, शोध कार्य करने और आधुनिक तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा. अंडरग्रेजुएट (UG) छात्र अपने अंतिम वर्ष में विशेष एक्सचेंज स्टूडेंट के रूप में IIT दिल्ली में पढ़ाई कर सकेंगे. इस दौरान वे एडवांस कोर्स, रिसर्च प्रोजेक्ट और विशेषज्ञ फैकल्टी के साथ काम करके अपने ज्ञान और कौशल को विकसित कर सकेंगे. वहीं, पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्रों को भी रिसर्च और अन्य अकादमिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा.
बिना GATE के भी मिल सकता है दाखिला
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को GATE परीक्षा दिए बिना IIT दिल्ली के M.Tech, MS (Research) और PhD जैसे कार्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिल सकता है. हालांकि, इसके लिए छात्रों को निर्धारित शैक्षणिक और शोध संबंधी मानकों को पूरा करना होगा. इस व्यवस्था से प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में उनका समय भी बचेगा.
क्रेडिट ट्रांसफर की मिलेगी सुविधा
नई साझेदारी के तहत क्रेडिट ट्रांसफर और क्रेडिट शेयरिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इसका मतलब है कि छात्र IIT दिल्ली में किए गए कुछ कोर्स और प्राप्त अंकों को अपने मूल संस्थान में भी मान्यता दिला सकेंगे. इससे उच्च शिक्षा पूरी करने की प्रक्रिया अधिक लचीली और प्रभावी बनेगी.
रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल को और मजबूत बनाने के लिए IIT दिल्ली ने ALIGN (Academic Linkages for Innovation and National Growth) नामक नई योजना भी शुरू की है. इसके तहत छात्रों और शिक्षकों को रिसर्च के लिए आर्थिक सहायता, फैकल्टी एक्सचेंज और संयुक्त शोध परियोजनाओं में काम करने का अवसर मिलेगा. IIT दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि यह पहल विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा सहयोग, नवाचार और साझा सीखने पर आधारित होगी, जिससे छात्रों को अधिक अवसर और बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
