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Delhi Police New Guidelines: दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने नई गाइडलाइन लेकर आई है. एलजी तरणजीत सिंह संधू के निर्देश पर जारी सर्कुलर के तहत अब हर सप्ताह संयुक्त फुट पेट्रोलिंग होगी. अब डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी रोजाना तीन घंटे गश्त पर रहेंगे.
दिल्ली पुलिस ने अपनी नई पुलिसिंग पॉलिसी लागू की है.
Delhi Police New Guidelines: दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और ट्रैफिक की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के आदेश के बाद पुलिस कमिश्नर ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत राजधानी में ‘विजिबल पुलिसिंग’ को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मतलब है कि अब लोगों को सड़कों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी पहले से कहीं ज्यादा नजर आने वाली है. दिल्ली पुलिस का मानना है कि जब अधिकारी सीधे मैदान में मौजूद रहेंगे और लोगों से संवाद करेंगे तो अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ ट्रैफिक से जुड़ी दिक्कतों का समाधान भी तेजी से हो सकेगा. इसी मकसद से नई गाइडलाइन लागू की गई है.
- संयुक्त फुट पेट्रोलिंग का नया प्लान: नई व्यवस्था के तहत जिला पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मिलकर संयुक्त फुट पेट्रोलिंग करेंगी. यह पेट्रोलिंग हर शनिवार और रविवार के अलावा सप्ताह के दो अन्य दिनों में भी होगी. रोज शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक अधिकारी फील्ड में रहकर हालात का जायजा लेंगे. किन दो अतिरिक्त दिनों में यह अभियान चलेगा, इसका फैसला संबंधित डीसीपी और जॉइंट सीपी अपने जिले की जरूरतों को देखते हुए करेंगे.
- फील्ड में उतरेंगे वरिष्ठ अधिकारी: दिल्ली पुलिस ने इस अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी तय कर दी है. सर्कुलर के मुताबिक डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी खुद फील्ड में मौजूद रहेंगे. इस दौरान किसी तरह की ऑफिस मीटिंग, कॉन्फ्रेंस या इनडोर रिव्यू नहीं होगी.
- इलाकों का जायजा लेंगे वरिष्ठ अधिकारी: नए सर्कुलर के अनुसार, अधिकारियों को पूरा समय इलाके का निरीक्षण करने, लोगों से बातचीत करने और मौके पर समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे. पुलिस का मानना है कि इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और लोगों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी.
- बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास नजर: संयुक्त फुट पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस टीमें बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त करेंगी. पुलिस अधिकारी आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, व्यापारियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और सुझाव सुनेंगे.
- जाम वाले इलाकों की होगी पहचान: इस दौरान उन जगहों की भी पहचान की जाएगी जहां अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है. जहां सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त निगरानी की जरूरत महसूस की जाती है. पुलिस का मकसद लोगों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान निकालना है.
- अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई: इस अभियान का एक बड़ा फोकस अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर भी रहेगा. पेट्रोलिंग के दौरान सड़क पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए जाएंगे और गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
- दूसरी एजेंसियों के साथ होगा बेहतर समन्वय: अगर किसी इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए दूसरी एजेंसियों की जरूरत होगी तो नगर निगम और संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी किया जाएगा. पुलिस चाहती है कि सड़कें सुचारू रूप से चलें और लोगों को अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े.
हर गतिविधि का रखा जाएगा रिकॉर्ड
दिल्ली पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस अभियान की हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जाए. पेट्रोलिंग की तारीख और समय से लेकर शामिल अधिकारियों के नाम, कवर किए गए इलाके और लोगों के साथ हुई बातचीत तक सभी जानकारियां दर्ज की जाएंगी. इसके अलावा बीएनएस, बीएनएसएस, दिल्ली पुलिस एक्ट और अन्य कानूनों के तहत की गई कार्रवाई, हटाए गए अतिक्रमण, अवैध पार्किंग पर हुई कार्रवाई और ट्रैफिक सुधार से जुड़े कदमों का भी पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा.
हर सोमवार देनी होगी रिपोर्ट
सर्कुलर के मुताबिक सभी जिलों को हर सोमवार अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करनी होगी. पेट्रोलिंग के दौरान ली गई फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी रिपोर्ट का हिस्सा होंगी. दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही, गैर-हाजिरी या रिपोर्ट जमा करने में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट दोनों को फायदा मिलेगा.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
