गाजियाबाद की सड़कों से जाम हटाने अब जनता खुद उतरेगी मैदान में, पुलिस ने बनाई 'ट्रैफिक वॉलंटियर्स' की स्पेशल फोर्स

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Ghaziabad News: गाजियाबाद में रोजाना लगने वाले जाम और व्यस्त सड़कों की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने एक अनोखी और शानदार पहल शुरू की है. अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने का जिम्मा सिर्फ पुलिस के भरोसे नहीं रहेगा, बल्कि आम जनता भी इसमें हाथ बंटाएगी. गाजियाबाद पुलिस ने ‘ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स’ का गठन किया है, जिसमें पहले चरण में 504 जिम्मेदार नागरिकों को चुना गया है. पुलिस से ट्रेनिंग पाने के बाद अब ये लोग सड़कों, चौराहों और बाजारों में उतरकर जाम खुलवाने और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे. आइए जानते हैं कि यह फोर्स कैसे काम करेगी और आप इसमें कैसे शामिल हो सकते हैं.

गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद शहर में लगातार बढ़ती गाड़ियों और आए दिन लगने वाले भीषण जाम से हर कोई परेशान रहता है. इसी ट्रैफिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने आम नागरिकों के सहयोग से एक बड़ी शुरुआत की है. पुलिस ने ‘ट्रैफिक वॉलंटियर फोर्स’ बनाई है. इस फोर्स का मुख्य मकसद ट्रैफिक पुलिस की मदद करना, सड़क हादसों को रोकना और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना है. अब आम जनता के ये मददगार सिपाही शहर के व्यस्त चौराहों पर पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ट्रैफिक संभालते नजर आएंगे.

पुलिस वेरिफिकेशन के बाद चुने गए वॉलंटियर्स
इस स्पेशल फोर्स में शामिल होने के लिए गाजियाबाद के हजारों लोगों ने इच्छा जताई थी. पुलिस ने सभी आवेदकों के बैकग्राउंड और चरित्र की बारीकी से जांच यानी पुलिस वेरिफिकेशन की. सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद पहले चरण में 504 सबसे योग्य लोगों को चुना गया है. इस टीम में शहर के पढ़े-लिखे युवा, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और कई संस्थाओं से जुड़े जिम्मेदार नागरिक शामिल हैं. ये सभी लोग बिना किसी निजी स्वार्थ या लालच के, सिर्फ समाज सेवा के लिए इस काम से जुड़े हैं.

पुलिस ने दी फर्स्ट एड और ट्रैफिक मैनेजमेंट की ट्रेनिंग
चुने गए सभी 504 स्वयंसेवकों को गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस की तरफ से विशेष ट्रेनिंग दी गई है. इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सिखाया गया है कि भारी जाम के समय गाड़ियों को कैसे निकालना है, सड़क सुरक्षा के नियम क्या हैं और सड़क पर चलते लोगों से प्यार व सम्मान से कैसे बात करनी है. इसके अलावा, उन्हें यह भी सिखाया गया है कि अगर सड़क पर कोई दुर्घटना हो जाए, तो एम्बुलेंस आने से पहले घायल व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देकर उसकी जान कैसे बचानी है.

रिफ्लेक्टिव जैकेट, टोपी और आईकार्ड से होगी पहचान
सड़क पर ड्यूटी के दौरान इन वॉलंटियर्स की सुरक्षा और पहचान के लिए पुलिस विभाग की तरफ से इन्हें आधिकारिक पहचान पत्र, चमकदार रिफ्लेक्टिव जैकेट और खास टोपी दी गई है. इनकी तैनाती शहर के सबसे व्यस्त चौराहों, मुख्य बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और त्योहारों के दौरान की जाएगी. जिन जगहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवानों की कमी होगी, वहां ये वॉलंटियर्स मोर्चा संभालेंगे और किसी भी बड़ी गड़बड़ी की तुरंत जानकारी बड़े अधिकारियों को देंगे.

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई, ड्रेस का गलत इस्तेमाल करने पर रोक
पुलिस ने इन स्वयंसेवकों के लिए कुछ कड़े और स्पष्ट नियम भी बनाए हैं. कोई भी वॉलंटियर अपनी ड्रेस या आईकार्ड का धौंस जमाने के लिए गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा. ड्यूटी के दौरान आम जनता से हमेशा तमीज और सम्मान से पेश आना होगा. इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर रील्स बनाने या लोकप्रियता पाने के लिए विभाग से जुड़ी किसी भी आधिकारिक चीज का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक रहेगी.

कांवड़ यात्रा में संभालेंगे मोर्चा, आगे और बढ़ेगी यह फोर्स
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि यह पूरी तरह से एक स्वयंसेवी व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करना है. सभी वॉलंटियर्स का चरित्र सत्यापन और ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है. आने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान, जब शहर में भारी भीड़ होती है, तब इन सभी की सेवाएं बड़े पैमाने पर ली जाएंगी. उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत के हिसाब से इस फोर्स में और लोगों को जोड़ा जाएगा. जो भी नागरिक इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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