जिस अचार को चटकारे लेकर खा रहे हैं, वो कहीं तबेले में तो नहीं बना? गाजियाबाद में बड़ा खुलासा

Last Updated:

Ghaziabad Raid Conduct: अचार को देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. घर में कोई सब्जी ना भी बनी हो तो लोग रोटी, पराठा, पूड़ी या फिर चावल दाल को अचार के साथ खाना पसंद करते हैं. कई तरह के अचार लोग बनाते हैं जैसे आम का अचार, मिर्च, कटहल, आंवला, मूली, गाजर, करौंदा, यहां तक कि मिक्स अचार. सभी बेहद स्वादिष्ट होते हैं. मगर सोचिए अगर यही अचार कोई तबेले में बनाकर आपको बेच दे तो? ऐसा ही कुछ गाजियाबाद में खेल चल रहा था.

अचार की फैक्ट्री पर छापा. (एआई तस्वीर)

गाजियाबाद: अगर आप अचार खाने के शौकिन हैं तो आप सावधान हो जाइए. हो सकता है कि जो अचार आप खा रहे हो वो पशुओं और गोबर के बीच बना हुआ हो. सुनकर शायद आपको शायद उल्टी सा फील हो रहा हो, मगर ये सच है. गाजियाबाद में सेहत से खिलवाड़ करने वाली अचार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है. फूड सेफ्टी विभाग ने खोड़ा के आदर्श नगर में दो अचार फैक्ट्रियों पर छापा मारा और 34 क्विंटल अचार मौके पर ही नष्ट करा दिया. गंदगी के बीच तबेले में इस अचार को तैयार किया जा रहा था.

अवैध रूप से चल रहीं अचार फैक्ट्रियां
जायका बदलने के लिए खाया जाने वाला अचार आपकी सेहत के लिए जहर बन सकता है. गाजियाबाद के फूड सेफ्टी विभाग को सूचना मिली थी कि खोड़ा थाना क्षेत्र के आदर्श नगर में अवैध रूप से अचार फैक्ट्रियां चल रही हैं. सूचना पर विभाग की टीम ने दो फैक्ट्रियों पर एक साथ छापा मारा. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ.

34 क्विंटल तैयार नष्ट
एक फैक्ट्री दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड दारोगा जसबीर सिंह के तबेले में संचालित हो रही थी. तबेले में पशुओं के बीच बेहद गंदी जगह पर अचार तैयार और स्टोर किया जा रहा था. दूसरी फैक्ट्री में भी खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन मिला. कार्रवाई के दौरान टीम ने 34 क्विंटल तैयार अचार को जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया.

6 सैंपल भेजे
इसके अलावा 180 किलो अचार और नौ क्विंटल नमक को सीज किया गया है. टीम ने दोनों फैक्ट्रियों से कुल छह नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं.

क्या बोले अधिकारी?
फूड सेफ्टी अधिकारी आशुतोष राय ने कहा कि तबेले में अचार बनाया जा रहा था. वहां चारों तरफ गंदगी थी. खाद्य सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं हो रहा था. 34 क्विंटल अचार नष्ट कराया गया है. लैब रिपोर्ट आने के बाद दोनों संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. खराब अचार खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट की बीमारी और लीवर डैमेज तक हो सकता है. विभाग ने लोगों से अपील की है कि ब्रांडेड और एफएसएसएआई प्रमाणित अचार ही खरीदें. अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.

About the Author

काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *