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Delhi High Court News: आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. मकोका मामले में नरेश बाल्यान को जमानत नहीं मिली है. यह मामला कपिल सांगवान से जुड़ा है.
आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को मकोका मामले में राहत नहीं मिली है.
नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी. जस्टिस मनोज जैन ने यह आदेश दिया. यह मामला कथित गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है. नरेश बाल्यान पर फरार गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू की ओर से कथित तौर पर चलाए जा रहे एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है. यह आरोप मुख्य रूप से बाल्यान और सांगवान के बीच कथित मोबाइल बातचीत की एक ऑडियो क्लिप पर आधारित है.
नरेश बाल्यान को इस मामले में दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया. बाद में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरेश बाल्यान और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. इससे पहले, 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.
दिल्ली दंगा मामला
कोर्ट ने 13 जुलाई को इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था. सजा पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी. हालांकि, कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह मामला फरवरी 2020 का है. उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उनका शव चांदबाग इलाके में एक नाले से बरामद किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंकित के शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे.
6 बरी, 5 को सजा
इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे. कोर्ट ने इनमें से छह आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया. दोषी करार दिए गए पांच लोगों में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का नाम भी शामिल है. उनके अलावा नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी माना गया. अब एक अन्य मामले में आप के पूर्व नेता को कोर्ट से जमानत नहीं मिली है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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