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Mount Abu Tourism Monsoon Destinations: मेक माय ट्रिप की देश के टॉप मानसून डेस्टिनेशन सूची में राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू को 29वां स्थान मिला है. बारिश के मौसम में यहाँ के गोल्डन हॉर्न, गोमुख मंदिर, टोड रॉक और गुरु शिखर जैसे व्यू पॉइंट्स की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. 5 किमी का गोल्डन हॉर्न ट्रेक और मेंढक जैसी आकृति वाला टोड रॉक पर्यटकों के मुख्य आकर्षण हैं. वहीं, गुरु शिखर से शेरगांव का 7 किमी का ट्रेक झरनों और वादियों का सुंदर नजारा दिखाता है. मानसून में सुरक्षित ट्रैकिंग के लिए अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनने और साथ में गाइड रखने की सलाह दी गई है.
फेमस ट्रेवल वेबसाइट द्वारा माउंट आबू को टॉप मानसून डेस्टिनेशन में शामिल करने के बाद पर्यटक यहाँ आने का प्लान बना रहे हैं. यहाँ का सबसे पहला और प्रमुख आकर्षण गोल्डन हॉर्न व्यू पॉइंट है. यह एक अनोखी पहाड़ी है जो सुबह के समय सोने की तरह सुनहरी चमकने और अपने सींग जैसी अनूठी आकृति के कारण इस नाम से जानी जाती है. इसे सबसे बड़ी प्राकृतिक चिमनी भी कहा जाता है. यहाँ पहुँचने के लिए पर्यटकों को करीब 5 किलोमीटर का खूबसूरत पैदल ट्रैकिंग मार्ग तय करना पड़ता है. इस पहाड़ी पर ट्रैकिंग करके पर्यटक यहाँ के बेहद सुंदर और मनमोहक मानसून के नजारों का आनंद ले सकते हैं.
माउंट आबू के वन क्षेत्र में पहाड़ियों के बीच बना गोमुख मंदिर मानसून में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह है. यहाँ पहुँचने के लिए पर्यटकों को करीब 750 सीढियां उतरना पड़ता है. रास्ते में चारों तरफ फैली हरियाली और पहाड़ों के सुंदर नजारे इस सफर को बेहद खूबसूरत बना देते हैं. यह पवित्र स्थान भगवान राम के गुरु वशिष्ठ की तपोस्थली माना जाता है. यहाँ एक सुंदर गोमुख कुंड बना हुआ है जिसमें लगी गाय के मुख की आकृति से पूरे साल प्राकृतिक जलधारा बहती रहती है. इसी गाय के मुख से निरंतर बहते पानी के कारण इस प्रसिद्ध स्थान का नाम गोमुख मंदिर पड़ा है.
माउंट आबू की प्रसिद्ध नक्की झील के परिक्रमा पथ से करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर बना यह अनोखा पहाड़ बिल्कुल एक मेंढक की आकृति जैसा नजर आता है. इसी खास बनावट की वजह से इसे टॉड रॉक के नाम से जाना जाता है. यहाँ पहुँचने के लिए पर्यटकों को करीब 150 सीढियां चढ़ना पड़ता है. इस चोटी से माउंट आबू की खूबसूरत नक्की झील और पूरे शहर का एक साथ बेहद शानदार नजारा देखने को मिलता है. मानसून के मौसम में इस जगह की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है जिससे यह पर्यटकों के घूमने के लिए एक बेहतरीन पॉइंट बन जाता है.
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माउंट आबू की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर से शुरू होने वाला करीब 7 किलोमीटर का यह ट्रैक बारिश के मौसम में घूमने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है. यहाँ ट्रैकिंग करते समय पर्यटकों को खूबसूरत झरने, घनी हरियाली और बादलों से घिरे पहाड़ों के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं. इस रोमांचक रास्ते में केदारनाथ और बद्रीनाथ के पवित्र मंदिर भी स्थित हैं. इसके अलावा शेरगांव की प्रसिद्ध ईशान भेरू गुफा यहाँ का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है. इस ट्रैक पर आगे बढ़ते हुए बड़े उतरज और शेरगांव जैसे दुर्गम गाँवों में इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से बिल्कुल दूर सादगी भरा जीवन जीते स्थानीय परिवार और उनके पारंपरिक मकान देखने को मिलते हैं.
शेरगांव राजस्थान का सबसे अधिक ऊंचाई पर बसा हुआ गाँव है. बारिश के समय में प्रकृति प्रेमी और पर्यटक यहाँ विशेष रूप से ट्रैकिंग और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने आते हैं. मानसून के मौसम में माउंट आबू घूमने और यहाँ के पहाड़ी रास्तों पर ट्रैकिंग करने के लिए पैरों में अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनना बेहद जरूरी है. बारिश के कारण इन रास्तों पर फिसलन का खतरा बहुत बढ़ जाता है. इसके साथ ही घने जंगलों के बीच ट्रैकिंग करते समय अपने साथ एक प्रशिक्षित गाइड का होना भी आवश्यक है. गाइड साथ होने से जंगल में रास्ता भटकने का खतरा नहीं रहता और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहती है.
