Today Weather Live: जून महीने में 15 तारीख के बाद लगभग देश के कई राज्यों में प्री मानसून के कारण बारिश शुरू हो जाती है. लेकिन इस बार देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते-करते परेशान हो चुके हैं. ऐसे में मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी राहत भरी खबर लेकर आई है. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और दक्षिण-पश्चिम मानसून की बढ़ती सक्रियता अब मिलकर देश के मौसम का पूरा मिजाज बदलने जा रही है. उत्तर भारत के तपते मैदानों से लेकर पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों तक मौसम का एक नया रंग देखने को मिल सकता है. IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, आंधी-बारिश का दायरा विस्तृत होगा और कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. हालांकि राहत के साथ खतरे भी जुड़े हैं. कहीं तेज हवाएं चलेंगी, कहीं ओलावृष्टि होगी और कई इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी बनी रहेगी. यही वजह है कि मौसम विभाग ने 17 राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है.
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है. (Photo : PTI)
- मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला देखने को मिलेगा. वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है. IMD का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मिलकर मौसम को और अधिक प्रभावशाली बना रही है.
- देशभर में किसानों, यात्रियों और आम लोगों को मौसम के इस बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. जिन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट है, वहां लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. कृषि गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है. इसलिए मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है.
दिल्ली-NCR में आंधी और राहत की बारिश का संकेत
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है. मौसम विभाग के अनुसार आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. इससे तापमान में थोड़ी राहत मिलेगी, हालांकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. 20 और 21 जून को भी धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी.
उत्तर प्रदेश में लू और बारिश साथ-साथ
उत्तर प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिलेगा. पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. मेरठ, बरेली, शाहजहांपुर, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं. हालांकि कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी होने की संभावना है. मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ अगले सप्ताह स्थिति में बदलाव आ सकता है.
बिहार में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट
बिहार के पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, पटना, गया, नालंदा और समस्तीपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. राज्य में 22 जून तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है.
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर संभाग के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है. (Photo : PTI)
झारखंड में मानसून की दस्तक होगी मजबूत
झारखंड में मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ने वाली हैं. रांची सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राज्य में अगले कुछ दिनों में मानसून और आगे बढ़ेगा. इससे तापमान में गिरावट आएगी और किसानों को बुवाई के लिए बेहतर परिस्थितियां मिलेंगी.
राजस्थान में धूलभरी आंधी का खतरा
मध्य प्रदेश में आंधी के साथ बारिश की दस्तक
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर संभाग के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी.
पंजाब-हरियाणा में मौसम का नया मोड़
- पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पंजाब क्षेत्र में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर पंजाब और हरियाणा में साफ दिखाई देगा. हरियाणा में 19 से 23 जून के बीच मौसम लगातार बदलता रहेगा. कई जिलों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है.
- पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर और बठिंडा समेत कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है.
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पहाड़ों पर बदलेगा मौसम
- उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. 24 जून तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है.
- हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी और कुल्लू में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. चंबा और कांगड़ा में भी मौसम बिगड़ सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.
- जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा, पुंछ, पुलवामा और राजौरी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. मौसम विभाग ने 22 जून तक येलो अलर्ट जारी रखा है.
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश से बढ़ेगी चिंता
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 24 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. असम और मेघालय में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
दक्षिण भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय
केरल, तटीय कर्नाटक, माहे और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश होने की संभावना है. तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. दक्षिण भारत में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय दिखाई दे रहा है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा है?
जवाब: पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा है. इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
क्या दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत मिलेगी?
हां, आंधी और हल्की बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन अगले कुछ दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ का क्या असर होगा?
पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थितियां पैदा करेगा. इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम तेजी से बदलेगा.
किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
जिन इलाकों में तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है, वहां किसान मौसम अपडेट देखकर ही कटाई, सिंचाई या अन्य कृषि कार्य करें. खेतों में काम करते समय बिजली गिरने के खतरे से बचना जरूरी है.
मानसून आगे किन राज्यों में बढ़ेगा?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों में मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं.
