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Delhi News: उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने नवजीवन विहार के जीरो वेस्ट कॉलोनी मॉडल की सराहना की और इसे दिल्ली की अन्य कॉलोनियों में लागू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने CSR फंडिंग और नागरिक भागीदारी पर जोर दिया है.
दिल्ली के उपराज्यपाल ने दक्षिण दिल्ली के नवजीवन विहार का दौरा कर वहां के सफल ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल का निरीक्षण किया
नई दिल्ली. दिल्ली के उपराज्यपाल ने दक्षिण दिल्ली के नवजीवन विहार का दौरा कर वहां के सफल ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल का निरीक्षण किया और इसे राजधानी की सबसे बेहतरीन सामुदायिक पहलों में से एक बताया. उन्होंने इस मॉडल को अन्य कॉलोनियों, विशेषकर अनधिकृत और निम्न आय वर्ग (LIG) क्षेत्रों में लागू करने के निर्देश दिए.
नवजीवन विहार का ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल दिल्ली के लिए बना आदर्श उदाहरण. पिछले 8 वर्षों में 10 लाख किलोग्राम से अधिक कचरा लैंडफिल में जाने से रोका गया. एलजी ने RRR (Reduce-Reuse-Recycle) सेंटर, एरोबिक कम्पोस्टिंग यूनिट और वर्षा जल संचयन प्रणाली का निरीक्षण किया.
एमसीडी को अन्य आरडब्ल्यूए (RWA) को इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश है. अनधिकृत और कम आय वर्ग की कॉलोनियों में ऐसे प्रोजेक्ट लागू करने हेतु विशेष फंडिंग की व्यवस्था करने को कहा. CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड का उपयोग कर एरोबिन और RRR सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया है.
घर-घर कचरे का अलग-अलग सुनिश्चित करने की अपील की है. एलजी ने कहा है कि सरकार अकेले स्वच्छ और विकसित दिल्ली नहीं बना सकती, नागरिकों की भागीदारी जरूरी. उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की शुरुआत घर से होती है. टिकाऊ कचरा प्रबंधन के लिए नागरिकों में स्वामित्व की भावना और सामूहिक भागीदारी बेहद आवश्यक है. जब हमारे अपने लोग ऐसे उत्कृष्ट मॉडल विकसित कर रहे हैं तो समाधान के लिए कहीं और देखने की जरूरत नहीं है.
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अरुण बिंजोला इस वक्त न्यूज 18 में बतौर एसोसिएट एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह करीब 15 सालों से पत्रकारिता में सक्रिए हैं और पिछले 10 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं. करीब एक साल से न्यूज 1…और पढ़ें
