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12वीं के बाद दिल्ली में कॉलेज चुनने जा रहे छात्रों और अभिभावकों के लिए फीस सबसे बड़ा सवाल बन जाती है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू), आईपी यूनिवर्सिटी (आईपीयू) और प्राइवेट कॉलेजों के बीच फीस और कुल खर्च में बड़ा अंतर है. डीयू कम फीस और अच्छी पढ़ाई के लिए जानी जाती है, जबकि आईपीयू प्रोफेशनल कोर्स और इंडस्ट्री एक्सपोजर के लिए लोकप्रिय है. दूसरी ओर प्राइवेट कॉलेज आधुनिक सुविधाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देते हैं, लेकिन उनकी फीस ज्यादा होती है. जानिए किस कॉलेज में कितना खर्च आएगा और आपके बजट व करियर लक्ष्य के लिए कौन-सा विकल्प सबसे बेहतर साबित हो सकता है.
दिल्ली के कॉलेज में दाखिले की चाहत रखने वालों के लिए कौन सा इंस्टीट्यूशन बेहतर है. किस यूनिवर्सिटी की पढ़ाई में आएगा कितना खर्च, एडमिशन से पहले यह भी जान लीजिए.
12वीं के बाद कॉलेज में एडमिशन का समय आते ही सबसे बड़ा सवाल पढ़ाई के खर्च का होता है. दिल्ली में छात्रों के सामने डीयू, आईपी यूनिवर्सिटी और कई बड़े प्राइवेट कॉलेजों के विकल्प मौजूद हैं. हालांकि इन तीनों की फीस और कुल खर्च में काफी अंतर होता है. इसलिए सिर्फ कॉलेज का नाम देखकर नहीं, बल्कि अपने बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला करना जरूरी है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में शामिल है. हर साल लाखों छात्र यहां एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण इसकी अच्छी अकादमिक प्रतिष्ठा और अपेक्षाकृत कम फीस है. केंद्र सरकार के तहत संचालित होने के कारण छात्रों को सब्सिडी का लाभ मिलती है, जिससे यहां पढ़ाई का खर्च अन्य विकल्पों की तुलना में काफी कम रहता है.
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डीयू में ज्यादातर अंडरग्रेजुएट कोर्स की फीस छात्रों के लिए काफी किफायती मानी जाती है. BA (Hons) और BSc (Hons) जैसे कोर्स की सालाना फीस लगभग 15,000 से 22,000 रुपये तक होती है, जबकि BCom (Hons) की फीस 18,000 से 25,000 रुपये के बीच हो सकती है. कुछ प्रोफेशनल कोर्स की फीस 40,000 रुपये तक पहुंचती है, लेकिन फिर भी यह कई प्राइवेट कॉलेजों से काफी कम रहती है.
अगर आपका बजट सीमित है और आप कम खर्च में प्रतिष्ठित डिग्री हासिल करना चाहते हैं, तो डीयू एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह उन छात्रों के लिए भी उपयुक्त है जो अकादमिक पढ़ाई में रुचि रखते हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ ग्रेजुएशन करना चाहते हैं. कम फीस और मजबूत शैक्षणिक माहौल डीयू को लाखों छात्रों की पहली पसंद बनाता है.
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी यानी आईपीयू प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्स के लिए जानी जाती है. यहां के कई कोर्स इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आईटी और कंप्यूटर एप्लिकेशन जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने वाले छात्रों के बीच इसकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है. इसी वजह से इसकी फीस भी डीयू की तुलना में अधिक होती है.
IP यूनिवर्सिटी में कोर्स के अनुसार फीस में काफी अंतर देखने को मिलता है. B.Tech की फीस लगभग 1.5 लाख रुपये सालाना तक जा सकती है और चार साल का कुल खर्च 6 लाख रुपये से अधिक हो सकता है. BBA की फीस 1.2 से 1.5 लाख रुपये सालाना रहती है. वहीं BCA और BCom (Hons) जैसे कोर्स में भी कॉलेज के अनुसार फीस 40 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है.
आईपी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का कुल खर्च चुने गए कोर्स और कॉलेज पर निर्भर करता है. कुछ कोर्स अपेक्षाकृत कम खर्च वाले होते हैं, जबकि प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम का खर्च कई लाख रुपये तक पहुंच सकता है. अनुमानित तौर पर यहां कुल खर्च 60 हजार रुपये से लेकर 10 से 13 लाख रुपये तक हो सकता है. बेहतर इंडस्ट्री एक्सपोजर और प्लेसमेंट अवसर इसकी बड़ी खासियत हैं.
दिल्ली और एनसीआर के कई बड़े प्राइवेट कॉलेज आधुनिक सुविधाओं और शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाने जाते हैं. इन संस्थानों को सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिलती, इसलिए संचालन और विकास का खर्च फीस के जरिए पूरा किया जाता है. आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासरूम, इंडस्ट्री टाई-अप्स और अतिरिक्त सुविधाएं छात्रों को बेहतर अनुभव देती हैं, लेकिन इसके लिए ज्यादा फीस भी देनी पड़ती है.
प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ाई का खर्च आमतौर पर सबसे ज्यादा माना जाता है. BBA, BCA और B.Tech जैसे कोर्स में एक लाख रुपये या उससे अधिक सालाना फीस देना सामान्य बात है. कई प्रतिष्ठित संस्थानों में पूरे कोर्स का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है. इसलिए एडमिशन लेने से पहले कॉलेज की मान्यता, फैकल्टी, प्लेसमेंट रिकॉर्ड और सुविधाओं का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए.
कॉलेज का चुनाव करते समय सिर्फ ट्यूशन फीस को देखना पर्याप्त नहीं होता. अगर छात्र दूसरे शहर से पढ़ाई के लिए आता है, तो हॉस्टल, पीजी, किराया, भोजन, यात्रा और किताबों का खर्च भी कुल बजट का बड़ा हिस्सा बन जाता है. कई बार कॉलेज की फीस कम होती है, लेकिन रहने और खाने का खर्च कुल खर्च को काफी बढ़ा देता है. इसलिए पूरे बजट का आकलन करना जरूरी है.
हर छात्र की जरूरत और आर्थिक स्थिति अलग होती है. यदि आपका बजट कम है और आप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहते हैं, तो डीयू सबसे उपयुक्त विकल्प हो सकता है. प्रोफेशनल कोर्स और बेहतर इंडस्ट्री एक्सपोजर की तलाश करने वाले छात्रों के लिए आईपी यूनिवर्सिटी बेहतर साबित हो सकती है. वहीं आधुनिक सुविधाओं और प्रीमियम कैंपस अनुभव को प्राथमिकता देने वाले छात्र प्राइवेट कॉलेजों का चयन कर सकते हैं.
दिल्ली में कॉलेज चुनते समय सिर्फ प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि फीस, कुल खर्च, कोर्स की प्रकृति और उपलब्ध सुविधाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए. डीयू सबसे किफायती और बजट-फ्रेंडली विकल्प माना जाता है. IP यूनिवर्सिटी प्रोफेशनल कोर्स और करियर-केंद्रित शिक्षा के लिए मजबूत विकल्प है. वहीं प्राइवेट कॉलेज आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अतिरिक्त सुविधाओं के मामले में आगे रहते हैं. सही चुनाव वही होगा जो आपके करियर लक्ष्यों और बजट दोनों के अनुरूप हो.
