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दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने 657.99 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली की 270 किलोमीटर से अधिक सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा. इस परियोजना के तहत दिल्ली में पहली बार जोनवार कॉम्पोजिट टेंडर प्रणाली लागू की जाएगी.
दिल्ली सरकार ने शहर की सड़कों का कायाकल्प करने के लिए 657.99 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है.
Delhi Road Redevelopment: दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही बड़ा बदलाव नजर आने वाला है. अगर आप रोज ट्रैफिक में सफर करते हैं और गड्ढों, टूटी सड़कों या धूल-धक्कड़ से परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को आधुनिक, मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए 657.99 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के तहत पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली की 270 किलोमीटर से ज्यादा लंबी प्रमुख सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा.
- बुधवार को हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दी गई. बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. सरकार का दावा है कि यह सिर्फ सड़क मरम्मत का काम नहीं होगा, बल्कि दिल्ली की रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह नए स्तर पर ले जाने की कोशिश है.
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए मजबूत और टिकाऊ सड़कों की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है. इसी को ध्यान में रखते हुए राजधानी की प्रमुख सड़कों को आधुनिक मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके.
- परियोजना के तहत पूर्वी दिल्ली के मेंटेनेंस जोन में 58.29 किलोमीटर सड़कों पर 147.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं उत्तरी दिल्ली के 104.42 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 247.31 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है. दक्षिणी दिल्ली के 107.92 किलोमीटर मार्गों पर 263.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कुल मिलाकर 270.63 किलोमीटर लंबी सड़कों को नई मजबूती मिलेगी.
- इस बार सड़क निर्माण में सिर्फ ऊपरी मरम्मत नहीं होगी, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. सबसे पहले कोल्ड मिलिंग के जरिए पुरानी और खराब हो चुकी सड़क की ऊपरी परत हटाई जाएगी. इसके बाद डेंस बिटुमिनस मैकाडम की मजबूत बेस लेयर बिछाई जाएगी और फिर बिटुमिनस कंक्रीट की स्मूद और टिकाऊ टॉप लेयर तैयार होगी.
- इसके अलावा टैक कोटिंग, रोड मार्किंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, सेफ्टी बैरियर और डिवाइडर मार्कर जैसे जरूरी रोड फर्नीचर भी लगाए जाएंगे. सड़क किनारे कर्ब चैनल बनाए जाएंगे ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या को कम किया जा सके.
लागू होगा ‘जोनवार कॉम्पोजिट टेंडर सिस्टम’
- इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि दिल्ली में पहली बार ‘जोनवार कॉम्पोजिट टेंडर सिस्टम’ लागू किया जाएगा. अभी तक सड़कों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाते थे, लेकिन अब पूरे जोन के आधार पर काम दिया जाएगा.
- सरकार का मानना है कि इससे बड़े और अनुभवी कॉन्ट्रैक्टर सामने आएंगे, आधुनिक मशीनरी का बेहतर इस्तेमाल होगा और काम की गुणवत्ता पर ज्यादा प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी. सरकार ने सिर्फ निर्माण पर ही नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया है.
- सभी प्रोजेक्ट्स में पांच साल की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड रखी गई है. इसका मतलब यह है कि अगर सड़क बनने के बाद उसमें कोई गड्ढा या खराबी आती है तो संबंधित एजेंसी को उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. खास बात यह है कि किसी भी सड़क पर गड्ढा बनने की स्थिति में उसे 48 घंटे के भीतर भरना अनिवार्य होगा.
- पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी कार्यों की प्रोग्रेस जीएसडीएल और डीपीएमजी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी. काम शुरू होने से पहले, निर्माण के दौरान और पूरा होने के बाद जियो-टैग्ड फोटोग्राफ अपलोड किए जाएंगे. इसके अलावा सीएसआईआर-सीआरआरआई और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) जैसी संस्थाएं ऑडिट करके गुणवत्ता की जांच करेंगी.
अक्टूबर तक है परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने इस पूरे मिशन को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यानी आने वाले कुछ महीनों में दिल्ली की कई प्रमुख सड़कें नए रूप में नजर आ सकती हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह योजना सिर्फ बेहतर सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है. इसमें पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है. दिल्ली सरकार के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण और एयर क्वालिटी से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा. टेंडर प्रक्रिया को भी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कें न केवल सफर को आसान और बल्कि सुरक्षित भी बनाएंगी.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
