पुलिसवालों को ही बेच रहे थे TET का पेपर! फिल्मी स्टाइल में हुआ भंडाफोड़, दिल्ली-बिहार पहुंची जांच

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Maharashtra TET Paper Leak Case: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस ने फिल्मी अंदाज में ‘फर्जी ग्राहक’ बनकर इंटर-स्टेट रैकेट का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों को दबोचने के लिए SIT की 4 टीमें दिल्ली, बिहार और बंगाल रवाना हो चुकी हैं. जानिए पुलिस के सीक्रेट मिशन की कहानी.

Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच 4 राज्यों में चल रही है

नई दिल्ली (Maharashtra TET Paper Leak Case). महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस अंतरराज्यीय रैकेट की जड़ें देश के कई राज्यों में फैली हुई हैं. विशेष जांच दल (SIT) की 4 अलग-अलग टीमें महाराष्ट्र से निकलकर दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर रही हैं. इस सॉल्वर गैंग के तार देश की राजधानी दिल्ली से जुड़े हैं, जहां से आरोपी बकायदा हवाई जहाज का टिकट बुक कराकर सौदा करने ठाणे पहुंचे थे.

ठाणे पुलिस ने इस रैकेट को दबोचने के लिए बॉलीवुड फिल्म जैसी प्लानिंग की थी. पुलिस को गुरुवार 25 जून की देर शाम को ही महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की भनक लग गई थी, जिसके बाद जाल बिछाया गया. पुलिस वाले खुद ‘फर्जी ग्राहक’ बनकर गैंग के संपर्क में आए और पेपर खरीदने के बहाने उन्हें मोटी रकम का लालच दिया. जैसे ही आरोपी ठाणे में सौदा करने पहुंचे, घात लगाकर बैठी पुलिस ने 3 शातिर गुर्गों को रंगे हाथों दबोच लिया. इस गैंग का चौथा साथी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

4 राज्यों में SIT का धावा, बंगाल से बिहार तक हड़कंप

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रह गई है. इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से जुड़ते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया. जांच को तेज करते हुए SIT की 4 स्पेशल टीमें तुरंत 4 अलग-अलग राज्यों के लिए रवाना कर दी गईं. इस वक्त एक टीम पश्चिम बंगाल, दूसरी बिहार, तीसरी दिल्ली और चौथी हरियाणा में डेरा डाले हुए है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन राज्यों के लोकल लिंक खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है.

ठाणे पुलिस का ‘मिशन सीक्रेट’: खुद ग्राहक बने पुलिसवाले

पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश करने की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है. 25 जून की शाम को जैसे ही ठाणे पुलिस को इनपुट मिला, उन्होंने बिना वक्त गंवाए मास्टर प्लान तैयार किया. आरोपियों की हर हरकत पर नजर रखने के लिए पुलिस ने 2 दिनों तक रेकी की. आरोपियों को जरा भी शक न हो, इसलिए पुलिसकर्मी खुद उम्मीदवार और ग्राहक बनकर गैंग के सरगनाओं से मिले. पुलिस ने उन्हें झांसा दिया कि वे पेपर के बदले मुंहमांगी रकम देने को तैयार हैं. पैसों के लालच में आरोपी पुलिस के बिछाए जाल में फंस गए.

दिल्ली से ठाणे… फ्लाइट पकड़कर सौदा करने आए थे आरोपी!

पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि यह कोई छोटा-मोटा गैंग नहीं है बल्कि हाई-टेक अंतरराज्यीय नेटवर्क है. इस सौदे को फाइनल करने के लिए 4 आरोपी बकायदा दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर ठाणे आए थे. इन्हें लग रहा था कि वे मोटी रकम समेटकर वापस उड़ जाएंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. जैसे ही वे ठाणे में पेपर की डील करने पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी करके 3 आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया. हालांकि, उनका चौथा साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा.

फरार चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस की नाकेबंदी

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से ठाणे पुलिस पूछताछ कर रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि उन्होंने पेपर कहां से और किसके जरिए लीक कराया था. इसके साथ ही, फरार चल रहे चौथे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अपने खुफिया तंत्र को एक्टिव कर दिया है. पुलिस का मानना है कि इस चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे रैकेट के असली ‘गॉडफादर’ का चेहरा सामने आ पाएगा, जो दिल्ली या किसी अन्य राज्य से बैठकर पूरा खेल चला रहा था.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें

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