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Rishikesh Tourist Places : ऋषिकेश सिर्फ आध्यात्म और एडवेंचर के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत माहौल के कारण भी दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है. विदेशी पर्यटक यहां की गंगा आरती, योग और मेडिटेशन, ऐतिहासिक स्थलों और सुकून भरे वातावरण का अनुभव लेने पहुंचते रहे हैं. लोकल 18 से स्थानीय निवासी अनुराग बताते हैं कि साई घाट पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक योग और मेडिटेशन करते देखे जा सकते हैं. इसी तरह बीटल्स आश्रम विदेशी पर्यटकों के बीच अपनी अलग पहचान रखता है. परमार्थ निकेतन ऋषिकेश की उन जगहों में शामिल है, जहां हर शाम होने वाली गंगा आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं.
ऋषिकेश का साई घाट विदेशी पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. गंगा किनारे स्थित यह शांत जगह शहर की भीड़-भाड़ से दूर सुकून भरा माहौल देती है. यहां पहुंचते ही ठंडी हवा, बहती गंगा और हरियाली मन को अलग ही शांति का एहसास कराती है. यही कारण है कि विदेश से आने वाले कई पर्यटक अपनी यात्रा के दौरान इस घाट पर जरूर पहुंचते हैं और प्रकृति के बीच कुछ यादगार पल बिताना पसंद करते हैं.
शाम के समय साई घाट का माहौल और भी खास हो जाता है. बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां योग और मेडिटेशन करते नजर आते हैं. सूर्यास्त के दौरान गंगा का खूबसूरत नजारा और शांत वातावरण उन्हें घंटों यहां रुकने के लिए प्रेरित करता है. कई लोग यहां बिना किसी शोर-शराबे के सिर्फ प्रकृति के बीच बैठकर खुद के साथ समय बिताना पसंद करते हैं. यही अनुभव इस घाट को विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल करता है.
बीटल्स आश्रम विदेशी पर्यटकों के बीच अपनी अनोखी पहचान रखता है. मशहूर ब्रिटिश बैंड ‘द बीटल्स’ ने 1968 में यहां समय बिताया था, जिसके बाद यह जगह दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई. आज भी कई विदेशी पर्यटक इस ऐतिहासिक स्थान को देखने के लिए ऋषिकेश पहुंचते हैं. यहां की पुरानी इमारतें, रंग-बिरंगी ग्रैफिटी और प्राकृतिक वातावरण लोगों को एक अलग ही अनुभव देते हैं.
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इतिहास के साथ-साथ बीटल्स आश्रम मेडिटेशन और आत्मचिंतन के लिए भी जाना जाता है. जंगल के बीच स्थित यह स्थान बेहद शांत और सुकून भरा माहौल देता है. विदेशी पर्यटक यहां घंटों ध्यान लगाते हैं, तस्वीरें खींचते हैं और प्रकृति के करीब समय बिताते हैं. संगीत, आध्यात्म और प्राकृतिक सुंदरता का यह अनोखा संगम इस जगह को ऋषिकेश के सबसे खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है.
ऋषिकेश से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित वशिष्ठ गुफा आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए बेहद खास मानी जाती है. मान्यता है कि महर्षि वशिष्ठ ने यहां तपस्या की थी. गंगा किनारे स्थित यह गुफा अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के कारण विदेशी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है. यहां पहुंचते ही मन को सुकून मिलता है और आसपास का माहौल ध्यान के लिए बिल्कुल अनुकूल महसूस होता है.
हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक मेडिटेशन और आत्मिक शांति की तलाश में वशिष्ठ गुफा पहुंचते हैं. गुफा के भीतर का शांत वातावरण और बाहर बहती गंगा इस अनुभव को और भी खास बना देते हैं. यहां मोबाइल और शहर के शोर से दूर कुछ समय बिताने का अलग ही आनंद मिलता है. यही वजह है कि यह स्थान ऋषिकेश आने वाले विदेशी यात्रियों की पसंदीदा जगहों में हमेशा शामिल रहता है.
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश की उन जगहों में शामिल है, जहां हर शाम होने वाली गंगा आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं. गंगा तट पर जलते दीप, मंत्रोच्चार और भक्ति से भरा माहौल हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ आरती नहीं देखते, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से महसूस करने का अवसर भी पाते हैं.
गंगा आरती के दौरान पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है. विदेशी पर्यटक श्रद्धा के साथ आरती में शामिल होते हैं और इस अनुभव को अपनी यात्रा का सबसे यादगार पल बताते हैं. कई लोग यहां योग और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं. यही वजह है कि परमार्थ निकेतन सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि दुनियाभर के यात्रियों के लिए भारतीय संस्कृति को समझने का एक खास केंद्र भी बन चुका है.
