बारिश आते ही घेरने लगा डेंगू का खतरा, राजधानी में तैयार‍ियां हुई शुरू

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दिल्ली में बारिश के साथ डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है. अभी बार‍िश ढंग से आई भी नहीं है और राजधानी में अब तक डेंगू के करीब 347 मामले दर्ज हुए हैं. ऐसे में MCD अलर्ट पर है और अस्पतालों में तैयारियां शुरू हो गई हैं. हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी समीक्षा बैठक की है.

द‍िल्ली में एक बार फ‍िर डेंगू का खतरा बढ़ रहा है. ऐसे में तैयार‍ियां तेज हो गई हैं.

राजधानी दिल्ली में मॉनसून की बारिश आते ही डेंगू का खतरा पैर पसारने लगा है. जून में पूरे महीने बारिश न होने और सूखा रहने के बावजूद दिल्ली में इस साल अभी तक डेंगू के 347 मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे राजधानी में हड़कंप मचा हुआ है. डेंगू के संभावित खतरे और मानसून के दौरान मच्छरों के पनपने की संभावना को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी अलर्ट जारी कर दिया है और लार्वा मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. वहीं दिल्ली के अस्पतालों में भी तैयारियां चल रही हैं.

हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने दिल्ली में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी. जिसमें दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डेंगू वार्ड, पर्याप्त बिस्तर, ब्लड की सुविधा, इलाज के लिए काम आने वाले उपकरण, दवाएं और कीटनाशक उपलब्ध कराकर अस्पतालों को तैयार होने के आदेश दिए. इसके साथ ही सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों (एसएसएच) के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक और निजी अस्पतालों को भी सतर्क रहने के लिए कहा है.

सिर्फ सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों अस्पतालों से आईएचआईपी-वीबीडी पर मामलों की समय पर रिपोर्टिंग करने और आउटब्रेक पर नजर रखने के लिए कहा गया है. इन आदेशों के बाद सरकारी अस्पतालों में तैयारियां तेज हो गई हैं और डेंगू वॉर्ड बनाने से लेकर मरीजों के लिए काम आने वाली सभी सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.

डेंगू के लिए दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश में डेंगू के लिए’ऑक्टालॉग’ के नाम से जानी जाने वाली रणनीति तैयार की गई है. इनमें डेंगू के मामलों की निगरानी, ​​​​मामलों का प्रबंधन, वेक्टर प्रबंधन, आउटब्रेक से निपटना, क्षमता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन संचार, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय और निगरानी व पर्यवेक्षण शामिल है.

वहीं भारत सरकार भी राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण (एनएचएम) के तहत सलाह जारी कर रही है. उच्च स्तरीय समीक्षा, मामलों के प्रबंधन पर प्रशिक्षण, मुफ्त निदान सुविधाओं का प्रावधान, सामुदायिक जागरूकता अभियान आदि पर फोकस कर रही है.

बता दें कि डेंगू के मामले वर्तमान में कम हैं और मृत्यु दर मात्र 0.11 प्रतिशत है. हालांकि आने वाले महीनों में संभावित खतरे के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.विशेष रूप से आगामी महीनों के लिए तैयारी पर जोर दिया जा रहा है.

बुखार के बढ़ते मामलों वाले क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण को तेज किया जा रहा है. हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए कीट जनित रोगों की निगरानी बढ़ाई जा रही है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें

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