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गाजियाबाद शहर के बीचोंबीच स्थित टाउन हॉल सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि शहर के 138 साल से भी ज्यादा पुराने इतिहास का गवाह है. इसका निर्माण वर्ष 1888 में तत्कालीन ब्रिटिश जिला कलेक्टर एफ. एन. राइट ने कराया था.उस समय अंग्रेजी शासन गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों का प्रशासन इसी भवन से चलाता था यही कारण है कि टाउन हॉल को शहर की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है.आजादी से पहले यह भवन प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था.
गाजियाबाद: शहर के बीचोंबीच स्थित टाउन हॉल सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि शहर के 138 साल से भी ज्यादा पुराने इतिहास का गवाह है. इसका निर्माण वर्ष 1888 में तत्कालीन ब्रिटिश जिला कलेक्टर एफ. एन. राइट ने कराया था.उस समय अंग्रेजी शासन गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों का प्रशासन इसी भवन से चलाता था यही कारण है कि टाउन हॉल को शहर की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है.आजादी से पहले यह भवन प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था.
यहीं से कानून-व्यवस्था, राजस्व और सरकारी फैसलों का संचालन होता था. देश आजाद होने के बाद वर्ष 1952 में जब गाजियाबाद नगर पालिका का गठन हुआ तो टाउन हॉल नगर पालिका का मुख्य कार्यालय बन गया. शहर के विकास से जुड़े बड़े फैसले, बोर्ड की बैठकें और राजनीतिक कार्यक्रम इसी इमारत में आयोजित होते थे.
समाचार देखने पहुंचते थे लोग
साल 1971-72 में तत्कालीन नगर पालिका चेयरमैन दिनेश चंद्र गर्ग ने यहां लोगों के लिए टेलीविजन भी लगवाया था. उस दौर में जब हर घर में टीवी नहीं होता था तब शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग टाउन हॉल में समाचार और कार्यक्रम देखने पहुंचते थे यह भवन लोगों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था.
वर्ष 1994-95 में नगर निगम बनने के बाद मुख्य कार्यालय नवयुग मार्केट स्थानांतरित कर दिया गया और टाउन हॉल में नगर निगम का सिटी जोन कार्यालय संचालित होने लगा. समय के साथ रखरखाव की कमी के कारण यह ऐतिहासिक इमारत जर्जर होती चली गई अब नगर निगम ने इसके जीर्णोद्धार और संरक्षण की योजना बनाई है ताकि यह धरोहर फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सके और आने वाली पीढ़ियां गाजियाबाद के इतिहास को करीब से जान और समझ सकें.
ऐतिहासिक पहचान बना रहेगा
गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि शहर की ऐतिहासिक पहचान रहे टाउन हॉल का जल्द ही जीर्णोद्धार कराया जाएगा. यह इमारत गाजियाबाद की सबसे पुरानी धरोहरों में शामिल है और वर्तमान में यहां नगर निगम का सिटी जोन कार्यालय संचालित हो रहा है उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से नगर निगम इस धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा था विशेषज्ञ संस्था की मदद से इसकी डीपीआर तैयार कराई गई, जिसे शासन से मंजूरी भी मिल चुकी है.
नगर आयुक्त ने कहा कि टाउन हॉल का रिनोवेशन और रिस्टोरेशन इस तरह किया जाएगा कि यह अंग्रेजों के दौर की अपनी पुरानी ऐतिहासिक पहचान को फिर से हासिल कर सके जीर्णोद्वार के दौरान यहां चल रहे सिटी जोन कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा कार्य पूरा होने के बाद इस भवन में एक आधुनिक लाइब्रेरी विकसित करने की योजना है ताकि लोग यहां आकर गाजियाबाद के इतिहास को जान सकें और अध्ययन भी कर सकें. नगर निगम का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने शहर के इतिहास से जुड़ सकें. नगर आयुक्त ने कहा कि दूसरे चरण में शहर के ऐतिहासिक जवाहर गेट, डासना गेट और दिल्ली गेट का भी जीर्णोद्वार कराया जाएगा ये तीनों गेट आज भी गाजियाबाद की ऐतिहासिक विरासत की पहचान बने हुए हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
