मैंगो जूस या मैंगो शेक, दोनों में से कौन बेहतर है, आम लेने का बेस्ट तरीका क्या है? जानिए दिल्ली की एक्सपर्ट से

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Mango Juice Vs Mango Shake: आम पोषण का खजाना है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए. दिल्ली की क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट मंशा भारद्वाज ने बताया कि आम में विटामिन ए, सी, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर होते हैं. जूस और शेक में से चुनाव जरूरत के मुताबिक होना चाहिए.

दिल्ली. गर्मी का मौसम आते ही आम हर घर की पहली पसंद बन जाता है. स्वाद के साथ-साथ आम पोषण का भी खजाना है. क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट मंशा भारद्वाज के मुताबिक आम में विटामिन A, विटामिन C, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा बीटा-कैरोटीन और मैंगीफेरिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाते हैं.

चीनी के बिना बनाएं तो फायदेमंद
एक्सपर्ट मंशा भारद्वाज का कहना है कि अगर आम का जूस बिना अतिरिक्त चीनी के बनाया जाए, तो यह फल के प्राकृतिक रूप के काफी करीब होता है. इसमें फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा बनी रहती है. यह पाचन को बेहतर बनाता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. यही वजह है कि वजन कम करने वालों और हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए यह बेहतर ऑप्शन माना जाता है.

एनर्जी और प्रोटीन का पैकेज
मैंगो शेक में आम के साथ दूध मिलाने से इसमें प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है. कई लोग इसमें स्वाद के लिए चीनी, आइसक्रीम या क्रीम भी मिलाते हैं, जिससे यह ज्यादा एनर्जी देता है. यह बच्चों, खिलाड़ियों और वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है. लेकिन ज्यादा चीनी और क्रीम इसे हाई-कैलोरी ड्रिंक बना सकती है. वेटलॉस चाहने वाले, डाइट पर जो लोग हैं वो जिनको डायबिटीज है, उन्हें यह तरीका एवॉएड करना चाहिए.

क्या आम और दूध साथ लेना सही है
लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि आम और दूध को साथ नहीं लेना चाहिए. लेकिन न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं है. स्वस्थ व्यक्ति आम और दूध को एक साथ ले सकते हैं. हालांकि, जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस या पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें मैंगो शेक से गैस या ब्लोटिंग की परेशानी हो सकती है.

किसके लिए क्या है बेहतर
अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना, बेहतर पाचन बनाए रखना या प्राकृतिक पोषण लेना है, तो मैंगो जूस बेहतर ऑप्शन है. वहीं, बच्चों को अतिरिक्त पोषण देने, खिलाड़ियों को ज्यादा एनर्जी देने या वजन बढ़ाने के लिए कम चीनी वाला मैंगो शेक अच्छा माना जा सकता है. दूसरी बात फल हमेशा बिना शेक या जूस के फॉर्म में लेना ही बेस्ट होता है क्योंकि उसका फाइबर शरीर में पहुंचता है. हालांकि स्वाद के लिए ले रहे हैं तो चुनाव कर सकते हैं.

जरूरत के हिसाब से चुनें सही ड्रिंक
एक्सपर्ट के मुताबिक मैंगो जूस और मैंगो शेक दोनों के अपने फायदे हैं. कौन सा ऑप्शन बेहतर है, यह आपके शरीर की जरूरत और स्वास्थ्य लक्ष्य पर निर्भर करता है. लेकिन एक बात जरूरी है, आम का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

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