Last Updated:
vaibhav sooryavanshi diet: वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी मैच से एक रात पहले ही ‘कार्बोहाइड्रेट लोडिंग’ के जरिए अपने ग्लाइकोजन स्टोर्स को पूरी तरह से भर लेते हैं. इसलिए, सुबह नाश्ता न करने पर भी उनकी मांसपेशियों में भरपूर ऊर्जा सुरक्षित रहती है.
सुबह का नाश्ता और बल्लेबाजी के पहले कुछ नहीं खाते वैभव सूर्यवंशी
नई दिल्ली. इंग्लैंड में डेब्यू के बाद क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों भारतीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के नाम की गूंज है. सिर्फ 15 साल की उम्र में मैदान पर बड़े-बड़े छक्के जड़ने वाले इस खिलाड़ी के खेल के साथ-साथ उनकी फिटनेस रूटीन भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. हाल ही में एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि वैभव मैच से पहले कुछ नहीं खाते हैं. आम इंसान के लिए बिना कुछ खाए मैदान पर उतरना कमजोरी का कारण बन सकता है, लेकिन एक एलीट एथलीट के लिए यह एक सोची-समझी वैज्ञानिक रणनीति हो सकती है.
वैभव सूर्यवंशी ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वो मैच से पहले कुछ नहीं खाते. अब कुछ लोग इसे टोटका मानेंगे तो कुछ लोग ये भी कह सकते है कि ऐसा नहीं हो सकता. वैभव सूर्यवंशी की खाली पेट बल्लेबाजी के पीछे का वैज्ञानिक कारण है और इस बात की गहराई में जाएंगे तो आपको भी समझ आ जाएगा कि वैभव ऐसा क्यों करते है.
खाली पेट खेलने के पीछे का विज्ञान
जब कोई खिलाड़ी खाली पेट या बिना नाश्ता किए मैदान पर उतरता है, तो उसके शरीर में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाती है. इंसानी शरीर ऊर्जा के लिए मुख्य रूप से मांसपेशियों और लिवर में जमा ग्लाइकोजन पर निर्भर करता है. वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी मैच से एक रात पहले ही ‘कार्बोहाइड्रेट लोडिंग’ के जरिए अपने ग्लाइकोजन स्टोर्स को पूरी तरह से भर लेते हैं. इसलिए, सुबह नाश्ता न करने पर भी उनकी मांसपेशियों में भरपूर ऊर्जा सुरक्षित रहती है. सालों की कड़ी और व्यवस्थित ट्रेनिंग के कारण एथलीटों का शरीर खाली पेट होने पर ऊर्जा के लिए शरीर की जिद्दी चर्बी को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने में माहिर हो जाता है. इससे उन्हें बिना खाए भी लंबे समय तक निरंतर ताकत मिलती रहती है.
बिना खाए मसल्स में कैसे आती है पावर
भोजन को पचाने के लिए शरीर को बहुत अधिक खून और ऊर्जा की आवश्यकता होती है. मैच से ठीक पहले खाने से रक्त प्रवाह ) पेट की तरफ केंद्रित हो जाता है. नाश्ता न करने से पूरा ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन सीधे मांसपेशियों तथा मस्तिष्क की ओर निर्देशित होते हैं, जिससे सजगता और ताकत बढ़ती है. अब सवाल ये है कि बिना खाए मसल्स में कैसे आती है पावर. वैभव सूर्यवंशी के मसल पावर और विस्फोटक बल्लेबाजी का राज उनके शरीर का बेहतरीन ‘मेटाबॉलिक फ्लेक्सिबिलिटी’ स्तर है. सालों के कड़े प्रशिक्षण के कारण उनकी मांसपेशियां कम ग्लूकोज में भी अधिकतम बल पैदा करने के लिए अनुकूलित हो चुकी हैं. जब वे क्रीज पर होते हैं, तो उनका नर्वस सिस्टम शरीर में जमा ग्लूकोज को बहुत तेजी से रिलीज करता है, जिससे उनकी मांसपेशियों को तुरंत और बिना रुके विस्फ़ोटक शक्ति मिलती है.
क्या आपको भी इसे कॉपी करना चाहिए?
सोशल मीडिया पर किसी भी एथलीट की आदत को देखकर उसे बिना सोचे-समझे दोहराना भारी पड़ सकता है. आम लोगों या उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए यह रूटीन नुकसान पैदा कर सकता है यदि आपका शरीर इस रूटीन के लिए तैयार नहीं है, तो खेल के दौरान ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है. सही ट्रेनिंग और डाइट बेस न होने पर शरीर ऊर्जा के लिए फैट के बजाय मसल्स को ही तोड़ना शुरू कर देता है. फाउंडेशन तैयार न होने से आप ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे और जल्दी थक जाएंगे. वैभव सूर्यवंशी की यह रणनीति उनके न्यूट्रिशनिस्ट और सालों की खास कंडीशनिंग का परिणाम है एक एलीट एथलीट की नकल करने से पहले अपने शरीर की नींव को मजबूत करना बेहद जरूरी है.
About the Author
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
