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Ghaziabad News: गाजियाबाद के लोनी इलाके के अंकुर विहार में जलभराव वाले गड्ढे में डूबकर 6 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई. इससे पहले 3 साल की दीप्ति की भी पानी में डूबकर जान गई. आखिर कब तक गाजियाबाद नगर निगम की लापरवाही की कीमत बच्चों को चुकानी पड़ेगी.
गाजियाबाद में दीप्ति और भोलू की डूबकर मौत.
गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इन दिनों खूब बारिश हो रही है. इसकी वजह से जगह-जगह पानी भर गया है. जहां गड्ढे हैं वहां पता ही नहीं चल रहा कि गड्ढा है सड़क. ऐसे में लगातार एक के बाद एक 2 मासूमों की डूबकर मौत हो गई. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर गाजियाबाद नगर निगम कब तक मासूमों की जिंदगी छीनता रहेगा. कब तक लापरवाही का भार परिजनों को उठाना पड़ेगा. पहले 3 साल की दीप्ति की पानी में गिरने से मौत हो गई. वहीं अब 6 साल का भालू भी पानी भरे गड्ढे में गिरने से इस दुनिया को छोड़कर चला गया.
गुरुवार से लापता था बच्चा
अंकुर विहार के सहायक पुलिस आयुक्त अमरदीप मौर्य ने बताया कि बिहार के रहने वाले सतीश शुक्रवार को पुलिस थाने आए. उन्होंने बताया कि उनका बच्चा गोलू गुरुवार शाम सात बजे घर से गायब हो गया था. इस पर थाने की पुलिस टीम जांच में लग गई. सीसीटीवी खंगालना शुरू किया. परिजन भी तलाशने लगे. आसपास के लोगों ने भी देखा लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. उनके घर के सामने एक गड्ढा था. उसमें पानी भरा हुआ था. वहां से उसका शव बरामद हुआ है. शव को फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद ही सारा सच पता चलेगा.
दीप्ति के साथ भी कुछ यह ही हुआ
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय नगर में बारिश के कारण हुए जलभराव ने एक मासूम की जान ले ली थी. तीन साल की दीप्ति घर के बाहर पानी से भरी गली में पहुंच गई. देखते ही देखते वह गहरे पानी में डूब गई. परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था. गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे-9 पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया था.
4 लाख मासूम की जान की कीमत
अब दीप्ति के पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन ने 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है. डीएम रविंद्र कुमार ने राहत राशि देने के निर्देश दिए. साथ ही कहा गया है कि अगर लापरवाही मिली तो संबंधित विभाग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी. पूरे मामले की जांच की जा रही है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
