'एनकाउंटर वाली जगह की मिट्टी…'भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने दिल्ली पहुंचा परिवार, किया बड़ा ऐलान

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चंदन तिवारी ने साफ कहा कि रविवार सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर धरना शुरू होगा. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे. चंदन तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ भरत तिवारी के लिए न्याय की लड़ाई नहीं है. यह भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आंदोलन होगा.

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा मोड़

(रिपोर्ट-जावेद मंसूरी)

दिल्ली: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब परिवार आर-पार की लड़ाई का मन बना चुका है. इसी कड़ी में भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया है. चंदन तिवारी ने कहा कि अब इंसाफ की लड़ाई सड़क पर लड़ी जाएगी. इसके लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उनके माता-पिता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. वे कुछ ही देर में राजधानी पहुंच जाएंगे.

जंतर-मंतर पर धरना
चंदन तिवारी ने साफ कहा कि रविवार सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर धरना शुरू होगा. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे. चंदन तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ भरत तिवारी के लिए न्याय की लड़ाई नहीं है. यह भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि परिवार किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाला नहीं है. उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलेगा. करणी सेना समेत कई अन्य संगठन भी उनके साथ खड़े होंगे.

भाई ने खाई मिट्टी की सौगंध
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिवार अपने साथ उस जगह की मिट्टी भी लेकर पहुंचा, जहां भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था. चंदन तिवारी ने उस मिट्टी की सौगंध खाते हुए कहा कि जब तक भरत तिवारी को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक उनका परिवार संघर्ष जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी दबाव में आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा.

क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
बता दें कि हाल ही में बिहार पुलिस ने भरत तिवारी का एनकाउंटर किया था. एनकाउंटर के बाद से ही इसे लेकर कई सवाल उठाए गए. परिवार लगातार दावा करता रहा है कि यह फर्जी एनकाउंटर था और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. हालांकि बाद में इस मामले की न्यायिक जांच रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में शुरू हुई. रिटायर्ड न्यायाधीश मृतक भरत तिवारी के गांव गए और परिवार से पूछताछ भी की. लेकिन, परिवार ने कुछ समय बाद कहा कि उन्हें इस जांच पर भरोसा नहीं. यही कारण है कि अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना है. परिवार का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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