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Delhi Shankh mango: लंगड़ा, चौसा, दशहरी, तोतापरी और सफेदा ऐसे आम आपने देखे भी होंगे और खूब खाए भी होंगे, लेकिन दिल्ली में आयोजित मैंगो फेस्ट में एक ऐसा आम आया हुआ है. जो बहुत अनोखा है. दुनिया में किसी ने भी ऐसा अनोखा आम कभी नहीं देखा होगा. क्योंकि यह देखने में शंख जैसा है. जबकि खाने में यह नारियल जैसा है. यानी स्वाद इसका नारियल जैसा है और देखने में यह शंख जैसा है. ऐसा अनोखा आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और यह दूसरे आमों से बहुत अलग है.
बता दें कि इसका वजन भी 700 ग्राम से ज्यादा है. एक आम में आपका पूरा पेट भर जाएगा. दिल्ली के जनकपुरी दिल्ली हाट में आयोजित मैंगो फेस्ट में इसे लेकर के पहुंचे हैं भरत राज सिंह यादव जोकि मध्य प्रदेश से आए हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास तीन तरह के आम हैं, जिसमें पहला है नूरजहां, दूसरा है तिरंगा और तीसरा है यह शंख के आकार का नारियल के स्वाद का आम. ये तीनों ही दुनिया के बेहद अनोखे आम हैं. पूरी दुनिया में आपको खोजने पर ऐसे आम नहीं मिलेंगे.
भरतराज सिंह यादव ने बताया कि नारियल के आकार के आम को उनके पिता ने विकसित किया था. यह आम सिर्फ मध्य प्रदेश में उनके गांव में ही मिलता है. इसके अलावा कोई भी इसे विकसित नहीं करता है. इसके पौधे भी सिर्फ मध्य प्रदेश में ही मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि इस आम की खासियत यह है कि यह देखने में शंख जैसा है.
स्वाद में नारियल जैसा है. मार्केट में यह उपलब्ध नहीं है, सिर्फ मध्य प्रदेश में ही इसे लोग पसंद करते हैं. उन्होंने बताया कि आम महोत्सव में करीब 10 पीस वह इस आम को लेकर के पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में ऐसा आम आपको कहीं पर भी देखने के लिए नहीं मिलेगा.
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भरत राज सिंह यादव ने अपने द्वारा विकसित किए गए 2 से 3 किलो के वजन के नूरजहां आम को भी लेकर के पहुंचे हैं. नूरजहां आम इंसान के एक हाथ के पंजे से भी काफी बड़ा है. इसका वजन 2-3 किलो है. यह आम भी सिर्फ मध्य प्रदेश में ही मिलता है, क्योंकि इसकी पैदावार बहुत ज्यादा नहीं है.
एक पेड़ पर 70 से 80 पीस ही आते हैं. वहीं, मार्केट में ही इसे तोड़कर बेच दिया जाता है. इसकी लंबाई की बात करें तो यह लगभग 19 से 20 इंच का है और यह आम करीब 80 साल पुराना है. इसके बावजूद इसे किसी भी दूसरे राज्य में नहीं बेचा जाता है. भरत राज सिंह यादव ने बताया कि नूरजहां आम भी उन्होंने ही विकसित किया था और वही इसे मार्केट में बेचते हैं.
भरत राज सिंह यादव ने बताया कि पिछले 35 सालों से वह बागवानी कर रहे हैं और उनके पिता 80 से 90 साल से इस क्षेत्र में अपना काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास शंख और नूरजहां के अलावा एक आम और है जिसे तिरंगा आम कहते हैं.
इसे तिरंगा आम इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें तीन तरह के रंग हैं. ऑरेंज, हल्का सफेद और हरा रंग. यह खाने में खट्टा मीठा होता है. इसका स्वाद भी लाजवाब माना जाता है. यह आम भी सिर्फ मध्य प्रदेश में ही मिलता है. यह आम की नई वैरायटी नहीं है, बल्कि पुरानी वैरायटी है, लेकिन क्योंकि यह देश के बाकी किसी राज्य में नहीं जाता है. इसलिए लोगों को पता नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश में यह खूब बिकता है.
